उपनाम: सफलता की कहानी
बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ IPS बने प्रभात कुमार, देश के टॉप अफसरों की लिस्ट में हासिल किया 18वां स्थान
सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाले प्रभात कुमार ने बैंकिंग सेक्टर से निकलकर पुलिस सेवा में अपनी अलग पहचान बनाई है और अब देश के चुनिंदा 25 IPS अधिकारियों में शामिल हुए हैं।
अमेजन के पूर्व इंजीनियर शारदेंदु तिवारी की कहानी, 46 लाख का पैकेज छोड़कर सेना में बने अफसर
लखनऊ के रहने वाले शारदेंदु तिवारी ने अमेजन में क्लाउड इंजीनियर की 46 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़कर भारतीय सेना का रास्ता चुना है। लगातार सात बार असफल होने के बाद आठवें प्रयास में उन्हें सफलता हासिल हुई और वे अब देश की सेवा कर रहे हैं।
लोग पूछते थे बेटे को पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? पंकज ने सफलता की मिसाल पेश कर दिया करारा जवाब
पूर्णिया के एक किसान परिवार में जन्मे पंकज कुमार साह ने तानों को अपनी ताकत बनाकर असिस्टेंट प्रोफेसर का मुकाम हासिल किया है। अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कठिन परिस्थितियों और असफलता का डटकर सामना किया।
सफलता की कहानी: हाथ से बनी पटियाला जूतियों के जादूगर पवन, 20 हजार से ज्यादा लोग हैं दीवाने
झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाले पवन पटियाला जूती बनाने के अपने पारंपरिक हुनर से देशभर में मशहूर हो गए हैं। अपनी मेहनत और हुनर के दम पर उन्होंने 20 हजार से अधिक ग्राहकों का भरोसा जीता है और लोग उन्हें प्यार से 'जूती किंग' कहते हैं।
कभी शराबियों का अड्डा था यह सरकारी स्कूल, शिक्षक ने अपनी सैलरी देकर बदली तस्वीर; अब राष्ट्रपति से मिला सम्मान
बिहार के सीतामढ़ी में शिक्षक द्विजेंद्र कुमार ने जर्जर स्कूल का कायाकल्प करने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च किए और ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
बक्सर की कुसुम देवी की प्रेरणादायक कहानी: ₹20000 ने बदली तकदीर, दिहाड़ी मजदूरी छोड़ बनीं सफल उद्यमी
बिहार के बक्सर जिले की कुसुम देवी ने जीविका समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल ली है। मात्र 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से किराने की दुकान शुरू करने वाली कुसुम आज हर महीने 4 हजार रुपये की कमाई कर आत्मनिर्भर बन गई हैं।
चाय बेचने से ढाबा मालिक बनने तक का सफर: सूरज कुमार की मेहनत ने बदल दी किस्मत
जहानाबाद के रहने वाले 27 वर्षीय सूरज कुमार ने 20 साल तक चाय की दुकान पर मेहनत की और अपनी बचत से अब एक शानदार ढाबा खोलकर सफलता की नई इबारत लिखी है।
सीकर की बेटी अर्चना बिलोनिया का कमाल: 192.5 किलो वजन उठाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, मजदूर पिता का नाम किया रोशन
सीकर के रायपुरा गांव की रहने वाली अर्चना बिलोनिया ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। अभावों में पली-बढ़ी अर्चना ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया है।
जहानाबाद के MBA भाई-बहन ने पेश की मिसाल, नौकरी का ऑफर ठुकराकर शुरू किया केक का बिजनेस, आज हो रहा लाखों का टर्नओवर
बिहार के जहानाबाद में रहने वाले भाई-बहन शैली और सौमिक ने नौकरी करने के बजाय अपने ही शहर में बिजनेस शुरू किया। साल 2021 में शुरू हुआ इनका यह सफर आज दो सफल आउटलेट्स तक पहुंच चुका है।
सफलता की मिसाल: 64 साल की लक्ष्मी हर 3 महीने में बदल देती हैं अपना बिजनेस, हर महीने कमाती हैं 50,000 रुपये
रांची की 64 वर्षीय लक्ष्मी अपने अनोखे बिजनेस मॉडल से न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी हुनर सिखाकर स्वावलंबी बना रही हैं।
पूर्णिया के रूपेंद्र दुबे की प्रेरणादायक कहानी, कभी 60 रुपये घंटे पर खेतों में करते थे मेहनत, आज हैं 22 परिवारों के मददगार
बिहार के पूर्णिया में रहने वाले रूपेंद्र मोहन दुबे ने मां की सीख को अपनाकर सफलता की नई इबारत लिखी है। आज वे अपने ढाबे के जरिए दर्जनों लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
नौकरी को कहा अलविदा, 40 लाख का पैकेज छोड़कर पूर्णिया में खड़ा किया डेयरी का बड़ा साम्राज्य
इंद्र चौरसिया ने एमबीए करने के बाद मिलने वाली 40 लाख रुपये सालाना की आकर्षक नौकरी को छोड़कर अपने गृह नगर पूर्णिया में डेयरी का व्यवसाय शुरू किया और आज इसे एक सफल ब्रांड बना दिया है।
मजदूर पिता की बेटी सुशीला प्रजापत का कमाल, 10 हजार मीटर दौड़ में जीता 8वां स्वर्ण पदक
राजस्थान की सुशीला प्रजापत ने एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपनी दौड़ से सबका दिल जीत लिया है। बीएसएफ में नौकरी करने के साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की तैयारी कर रही हैं।
UPTET 2026: मिर्जापुर के 5 सगे भाइयों ने एक साथ पास की परीक्षा, जानें किसे मिले कितने अंक
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक ही परिवार के पांच भाइयों ने उच्च प्राथमिक स्तर की UPTET 2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है, जिसमें रोहित कुमार पांडेय सर्वाधिक अंकों के साथ शीर्ष पर रहे।
बीकॉम करने के बाद नहीं ढूंढी नौकरी, बुरहानपुर के 25 साल के नितेश का 'सीजनल फॉर्मूला' बना सफलता की कुंजी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले नितेश भगत ने पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागने के बजाय मौसमी व्यापार को चुना, जिससे वे सालभर कमाई कर रहे हैं।