व्यापार
3 घंटे पहले
2
विचारों
संघर्ष से सफलता तक का सफर
बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी रूपेंद्र मोहन दुबे आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर उन्हें लड्डू दुबे के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कहानी उन लोगों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों के बीच भी आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं। रूपेंद्र दुबे का जीवन हमेशा से ऐसा नहीं था, उन्होंने सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता तय किया है। एक समय था जब वे अपनी आजीविका चलाने के लिए दूसरों के खेतों में ट्रैक्टर से जुताई का काम किया करते थे, जिसके लिए उन्हें महज 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान मिलता था।
मां की सीख ने बदली दिशा
रूपेंद्र मोहन दुबे के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने अपनी मां की बातों को अपने जीवन का आधार बनाया। उनकी मां एक समाजसेविका थीं, जिनकी सीख ने रूपेंद्र की सोच को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने रूपेंद्र को हमेशा यह सिखाया कि जीवन में कुछ ऐसा काम करना चाहिए जिससे समाज का भला हो और दूसरे लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। इसी प्रेरणा के साथ, रूपेंद्र ने पूर्णिया के डॉलर हाउस चौक पर पहले एक किराने की दुकान शुरू की। हालांकि, उनका मन हमेशा से कुछ ऐसा करने का था जिससे वे बड़े पैमाने पर लोगों की मदद कर सकें और समाज के लिए उपयोगी बन सकें।
दुबे दरबार ढाबे की शुरुआत
अपनी मां के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हुए, रूपेंद्र मोहन दुबे ने पूर्णिया के नवनिर्मित बाईपास के समीप सिपाही टोला बक्सा घाट रोड पर स्थित अपनी पैतृक भूमि पर दुबे दरबार रेस्टोरेंट की नींव रखी। आज उनका यह ढाबा इलाके में बेहद लोकप्रिय है। यहां के स्वाद की चर्चा दूर-दूर तक है, जिसके कारण खाने के शौकीन लोगों का यहां हमेशा तांता लगा रहता है। इस ढाबे की खासियत यह है कि यहां 100 से अधिक तरह के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं। रूपेंद्र खुद भी स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा इस स्थान पर और अधिक बढ़ गया है।
रोजगार का बना जरिया
रूपेंद्र मोहन दुबे के इस व्यावसायिक प्रयास का सबसे सुखद पहलू यह है कि आज उनका यह ढाबा 22 लोगों के परिवारों का सहारा बना हुआ है। जो व्यक्ति स्वयं कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी करने के लिए मजबूर था, आज वह खुद 22 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। रूपेंद्र का मानना है कि दूसरों की मदद करने में जो सुकून मिलता है, वह किसी भी अन्य चीज से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि वे भविष्य में भी अपने इस कारोबार को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं ताकि वे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया करा सकें और समाज में अपना योगदान जारी रख सकें। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ बड़ा करने की इच्छा रखते हैं।
Comments
0 comment