उपनाम: किसान आमदनी
रांची के मोराबादी मैदान में किसान मेला: एक ही जगह तकनीक, वर्कशॉप और वैश्विक बाजार तक पहुंच
रांची के मोराबादी मैदान में तीन दिवसीय निशुल्क कृषि व्यापार मेला चल रहा है, जहां किसानों को नई तकनीक, स्टार्टअप, फसल बीमा और आमदनी दोगुनी करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं.
बहराइच का 'रॉयल भोग' बासमती बना किसानों की नई कमाई का जरिया, खुशबू का हर कोई कायल
उत्तर प्रदेश के बहराइच में उगाए जाने वाले रॉयल भोग बासमती चावल की मांग अब दूसरे जिलों और राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई है। एफपीओ मॉडल के सहारे किसान इसे सीधे बाजार में उतारकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
एक कटहल इतना भारी कि उठाने के लिए चाहिए दो लोग! मुरादाबाद के किसान की जैविक खेती से बंपर कमाई
मुरादाबाद के किसान चंद्र प्रकाश सिंह बिना केमिकल और यूरिया के 50 किलो से एक क्विंटल तक का कटहल उगा रहे हैं, जिसकी बाजार में जबरदस्त मांग है। पीढ़ियों पुरानी इस जैविक खेती से उन्हें लागत के बिना शुद्ध मुनाफा मिल रहा है।
धान की जगह जून-जुलाई में लगाएं अरहर, उन्नत बीज से लेकर पौधों की दूरी और ड्रिप सिंचाई का रखें ध्यान, बंपर होगी कमाई
जून-जुलाई में अगर किसान धान जैसी पारंपरिक फसल के बजाय अरहर बोएं और सही बीज, पौधों की दूरी व आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाएं, तो मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है। साथ में दूसरी फसल लगाकर अतिरिक्त आमदनी भी पाई जा सकती है।
सिर्फ 60 डिसमिल जमीन पर भिंडी की खेती से अनिल शाव ने 3 महीने में कमाए 90 हजार रुपये, छोटी जोत बनी कमाई का जरिया
बोकारो के तातरी गांव के किसान अनिल शाव ने महज 60 डिसमिल जमीन पर भिंडी उगाकर तीन महीने में दोगुने से ज्यादा मुनाफा कमाया है। करीब 25 हजार रुपये की लागत से उन्होंने 70 से 90 हजार रुपये तक की आमदनी का इंतजाम कर लिया।
मछली पालन: कम जगह और कम खर्च में बायोफ्लॉक तकनीक से कमाएं हर साल लाखों रुपये
बायोफ्लॉक तकनीक की मदद से किसान घर के पास छोटे टैंकों में भी मछली पालन कर सकते हैं और साल में दो बार उत्पादन लेकर करीब 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।
जून में लगाएं ये फसलें, कम लागत में मिलेगा लाखों का मुनाफा; जानें कृषि अधिकारी की राय
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार जून के महीने में किसान केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज जैसी छह फसलें लगाकर बहुत कम लागत में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।
हल्दी के साथ करें यह खास इंटरक्रॉपिंग, आधी लागत में दोगुना मुनाफा देगा खेती का यह फॉर्मूला
विंध्य क्षेत्र के किसान हल्दी के साथ अरहर की इंटरक्रॉपिंग अपनाकर लागत घटा रहे हैं और मुनाफा बढ़ा रहे हैं। उठी हुई क्यारियों और सही अनुपात में बुवाई करके प्रति एकड़ ₹1.20 लाख से ₹1.50 लाख तक शुद्ध कमाई संभव है।
मानसून में रफ्तार पकड़ेगा मछली पालन, इस सीजन तगड़ी कमाई चाहिए तो 15 जून से पहले निपटा लें ये जरूरी काम
मानसून के साथ मत्स्य पालन का नया सत्र शुरू होने वाला है और 15 जून से मछली बीज वितरण शुरू हो जाएगा। इससे पहले तालाब की जुताई, चूने का प्रयोग और प्राकृतिक चारे की व्यवस्था जैसी तैयारियां पूरी करना बेहतर मुनाफे की कुंजी मानी जा रही है।
बस्तर के पूर्व सैनिक मूलचंद की गुलाब खेती: रोपाई के 45 दिन बाद उपज, चार साल तक मुनाफा
जगदलपुर के पूर्व सैनिक मूलचंद ठाकुर पॉलीहाउस में गुलाब की हाईटेक खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। पौधे लगाने के 45 दिन बाद उत्पादन शुरू होता है और यह लगातार चार साल तक चलता है।
सक्सेस स्टोरी: मधुमक्खी पालन से सालाना ₹500000 की कमाई, किसान राजकिशोर ने यूं बदली अपनी तकदीर
छपरा के किसान राजकिशोर पटेल ने 1990 में महज 10 पेटी से मधुमक्खी पालन शुरू किया और आज 300 से अधिक पेटी के साथ हर साल घर बैठे 5 लाख रुपये कमा रहे हैं।
विदेश में मजदूरी करते थे सुमन, प्रशिक्षण लेकर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 10 हजार मुर्गों से कमा रहे लाखों
कोडरमा के सुमन लाल मेहता कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी करते थे, पर आमदनी इतनी कम थी कि घर चलाना मुश्किल था। गांव लौटकर प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मुर्गा पालन शुरू किया और अब हर महीने करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं।
उज्जैन मंडी में किसानों के लिए बड़ी राहत, 2 करोड़ के हाईटेक प्लांट में होगी फसल की मुफ्त सफाई, धूल-मिट्टी से नहीं गिरेगा भाव, बढ़ेगी आमदनी
उज्जैन कृषि उपज मंडी में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट तैयार हो रहा है, जहां किसानों की उपज की निशुल्क सफाई और ग्रेडिंग होगी। निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही यह सुविधा शुरू होने जा रही है।
अनाज-नकदी फसलों के साथ अब फूलों की खेती पर किसानों का भरोसा, गेंदा बोएं और ढाई महीने में कमाएं मुनाफा
सागर जिले में पिछले तीन-चार सालों से गेंदा की खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है। जून में लगाई जाने वाली हाइब्रिड किस्म ढाई से तीन महीने में फूल देने लगती है और त्योहारी सीजन में अच्छा दाम दिलाती है।
सिरोही में जैविक अंजीर की खेती बनी किसानों की आमदनी का जरिया, कम पानी में मिल रहा भरपूर उत्पादन
अरावली की तलहटी में बसे सिरोही के आमथला गांव के तपोवन में करीब दो बीघा जमीन पर जैविक तरीके से अंजीर उगाई जा रही है। कम पानी, कम लागत और लगातार बनी रहने वाली मांग के चलते यह फसल किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।