उज्जैन मंडी में किसानों के लिए बड़ी राहत, 2 करोड़ के हाईटेक प्लांट में होगी फसल की मुफ्त सफाई, धूल-मिट्टी से नहीं गिरेगा भाव, बढ़ेगी आमदनी मध्य प्रदेश एक महीने पहले 23
उज्जैन कृषि उपज मंडी में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट तैयार हो रहा है, जहां किसानों की उपज की निशुल्क सफाई और ग्रेडिंग होगी। निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही यह सुविधा शुरू होने जा रही है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कृषि उपज मंडी में अब किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट की सुविधा मिलने वाली है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह हाईटेक प्लांट किसानों की उपज को निशुल्क साफ करेगा और उसकी ग्रेडिंग करेगा।

किसानों की समस्या और इसका समाधान

दरअसल, आगर रोड पर स्थित कृषि उपज मंडी में हर दिन बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। खेतों से आने वाली उपज में अक्सर धूल, मिट्टी और दूसरी अशुद्धियां मिली रहती हैं, जिसके चलते मंडी में किसानों को उनकी उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिल पाता। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब गुणवत्ता की वजह से किसानों को प्रति क्विंटल 100 से 150 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ता है।

इसी परेशानी को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड ने यह आधुनिक पहल शुरू की है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों की फसल की मुफ्त सफाई की जाएगी और वैज्ञानिक तरीके से उसकी ग्रेडिंग होगी। इससे उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी, खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। इसे किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

जल्द शुरू होगा प्लांट

मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्लांट की प्रगति और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और मंडी परिसर में बेहतर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए।

इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे किसानों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट शुरू होने पर यह मंडी प्रदेश की प्रमुख गेहूं और सोयाबीन मंडियों में शामिल हो जाएगी।

किसानों को कैसे होगा फायदा

मंडी सचिव राजेश गोयल ने बताया कि इस प्लांट में पूरी प्रक्रिया मशीनों के जरिए होगी, इसलिए उपज की गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि साफ और ग्रेडेड उपज को व्यापारियों और निर्यातकों द्वारा अधिक पसंद किया जाता है। उनके मुताबिक उज्जैन मंडी की यह पहल प्रदेश की दूसरी मंडियों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

किसानों के चेहरे खिले

किसान जगदीश ने कहा कि यह पहल किसानों के लिए बड़ी राहत और सौगात साबित होने जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक फसलों में धूल, मिट्टी, भूसी, टूटे दाने, कंकड़ और अन्य अशुद्धियों के कारण व्यापारी गुणवत्ता पर सवाल उठाते थे, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।

लेकिन अब अत्याधुनिक क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुविधा मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी। किसानों को सफाई और पैकेजिंग पर अलग से कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनकी आय में सीधा फायदा होगा। इस प्रक्रिया के बाद किसानों को गेहूं में 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल और सोयाबीन में 400 से 500 रुपये अधिक भाव मिलने की संभावना बनी रहेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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