उपनाम: जैविक खेती
खाद की किल्लत से परेशान किसानों के लिए राहत, अपनाएं ये किफायती विकल्प और बढ़ाएं पैदावार
बुवाई के मौसम में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने पर किसानों को अक्सर खाद की कमी झेलनी पड़ती है। कृषि विभाग ने रासायनिक उर्वरकों की जगह कई सस्ते और कारगर विकल्प अपनाने की सलाह दी है।
साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई के बाद खेती में उतरे नरेंद्र, केंचुआ खाद से बना डाला कामयाब कारोबार
सतना के इटौरा गांव के 25 वर्षीय नरेंद्र कुमार कुशवाहा ने साइबर सिक्योरिटी में ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के बजाय केंचुआ खाद उत्पादन को व्यवसाय बनाया और अब किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
जैविक खेती का देसी नुस्खा: घर पर बनाएं पंचगव्य खाद, कम खर्च में पाएं तंदुरुस्त फसल
देसी गाय के पांच तत्वों से तैयार पंचगव्य खाद कम लागत में मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता दोनों बढ़ाती है, जिसे किसान आसानी से घर पर बना सकते हैं।
हरी खाद की यह फसल खेत में ही गलाएं, बेजान मिट्टी फिर उगलेगी सोना
ढैंचा की खेती हरी खाद के रूप में मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन और ऑर्गेनिक कार्बन की भरपूर मात्रा जोड़कर बंजर जमीन को उपजाऊ बना देती है, जिससे यूरिया और डीएपी का खर्च आधा हो जाता है।
घर-आंगन से शुरू हुई पहल बनी देशव्यापी पहचान; सीकर की संतोष पचार गाजर के बीज से कर रहीं 35 लाख की कमाई
सीकर के झींगर बड़ी गांव की महिला किसान संतोष पचार 13 बीघा खेत में जैविक विधि से लाल और काली गाजर के उन्नत बीज तैयार कर हर साल 35 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रही हैं। उनके बीजों की मांग देश के 15 राज्यों में है और उन्हें दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चु...
'दूसरे की फैक्ट्री में 8 घंटे मजदूरी से अच्छा है अपने खेत पर 4 घंटे काम', छपरा के छेदी यादव बने मिसाल
छपरा के किसान छेदी प्रसाद यादव बाहर जाकर मजदूरी करने के बजाय अपने गांव में जैविक खेती कर रहे हैं। मचान विधि से 10 कट्ठा खेत में लौकी और कुंदरी उगाकर वे एक सीजन में ₹1.5 लाख तक कमा लेते हैं।
72 साल की उम्र और किसानी के 50 बरस: हाईटेक फार्मिंग और वर्मी कंपोस्ट पर वैज्ञानिकों संग किया शोध
मधुबनी के बेनीपट्टी निवासी किसान आनंद चंद्र ठाकुर ने 50 वर्षों तक खेती की और 45 साल तक पूसा व हैदराबाद के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर वर्मी कंपोस्ट तथा हाईटेक खेती पर शोध किया। उनका दावा है कि उनकी और उनकी टीम की अवधारणा पर आज पूरा देश काम कर रहा है।
पति को खोने के बाद भीख तक मांगनी पड़ी, अब आत्मनिर्भर हैं मुनक्का देवी, चला रहीं अपना कारोबार
बहराइच के निबिया बेगमपुर गांव की मुनक्का देवी ने पति की मृत्यु के बाद बेहद कठिन दौर देखा, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आज वे गाय के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद बनाकर अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं।
45 डिग्री की भीषण तपिश में भी हरी-भरी रहती है यह घास, जालौर के किसानों-पशुपालकों का बनी सहारा
जालौर के हरमू गांव में मिलने वाली धामण घास 45 डिग्री से अधिक तापमान में भी नहीं सूखती और गर्मियों में हरे चारे की कमी के बीच पशुपालकों व किसानों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है।
आगरा में किसान बिना केमिकल के उगा रहे जैविक देशी लौकी, नौ राज्यों तक पहुंचती है फसल
आगरा के किसान बिना किसी केमिकल और इंजेक्शन के जैविक खाद से देशी लौकी की खेती कर रहे हैं, जिसकी सप्लाई नौ राज्यों तक होती है। कम लागत और भारी मांग के चलते यह फसल किसानों को अच्छा मुनाफा दे रही है।
पहाड़ी खेती का असली साथी है गोबर की खाद! न यूरिया की जरूरत, न DAP की — सालों तक मिलता है फायदा
उत्तराखंड के ढलानदार और सीढ़ीदार खेतों में पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में पशुओं का गोबर सबसे कारगर साबित हो रहा है। यह प्राकृतिक खाद मिट्टी का कटाव रोकने के साथ-साथ कम लागत में बेहतर मुनाफे का रास्ता भी खोलती है।
घर पर बनने वाली ये जैविक खाद बचाएगी सेहत और किसानों की जेब, बेचकर भी हो रही कमाई
सारण के किसान रणजीत सिंह कृषि विज्ञान केंद्र मांझी से प्रशिक्षण लेकर गोबर, गोमूत्र, मिट्टी, गुड़ और पानी से कम बजट में जैविक खाद तैयार करते हैं और दूसरे किसानों को निशुल्क सिखाते भी हैं।
बुरहानपुर की 60 वर्षीय महिला किसान बनीं मिसाल, 5 एकड़ में जैविक खेती से हर साल कमा रहीं लाखों
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की एक तीसरी पास महिला किसान बीते 10 वर्षों से जैविक खेती कर रही हैं और 5 एकड़ जमीन से हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं।
मिर्च की फसल में भंगुरी रोग से न घबराएं, अपनाएं ये 3 असरदार उपाय
मिर्च की खेती में लगने वाले भंगुरी (येलो वेन मोजैक वायरस) रोग से बचाव के लिए पौधा संरक्षण अधिकारी ने तीन कारगर तरीके बताए हैं। जानिए कैसे करें इस रोग पर नियंत्रण।
एक एकड़ ने पलटी किस्मत: फरीदाबाद के किसान ने हल्दी की खेती से पाई नई राह
फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसान मुकेश कुमार ने गेहूं-धान छोड़कर एक एकड़ में ऑर्गेनिक हल्दी की खेती शुरू की और बिना रासायनिक खाद-दवा के शुद्ध हल्दी तैयार कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।