खाद की किल्लत से परेशान किसानों के लिए राहत, अपनाएं ये किफायती विकल्प और बढ़ाएं पैदावार राजस्थान एक घंटा पहले 2
बुवाई के मौसम में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने पर किसानों को अक्सर खाद की कमी झेलनी पड़ती है। कृषि विभाग ने रासायनिक उर्वरकों की जगह कई सस्ते और कारगर विकल्प अपनाने की सलाह दी है।

प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में जल्द ही बुवाई का सिलसिला शुरू होने वाला है। यह वही समय होता है जब खेतों में डीएपी और यूरिया की मांग एकदम से बढ़ जाती है। नतीजतन किसानों को खाद की कमी और दुकानों के बाहर लगी लंबी कतारों से जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के बजाय दूसरे विकल्पों की ओर रुख करने की सलाह दी है।

रासायनिक खाद के बेहतर विकल्प

कृषि विभाग के अनुसार बाजार में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। इनमें गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, रॉक फॉस्फेट, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैव उर्वरक शामिल हैं। इन सभी का इस्तेमाल कर किसान अपनी फसल की जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं।

विकल्प अपनाने के फायदे

इन विकल्पों को अपनाने से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलता है। एक ओर जहां खेती की कुल लागत में कमी आती है, वहीं दूसरी ओर फसल का उत्पादन भी बढ़ता है। इतना ही नहीं, ये साधन पर्यावरण के अनुकूल हैं और इससे प्रकृति को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचता।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!