दिल्ली में धूम मचा रहा मिजोरम का जादुई जूस, 5 लाख से ज्यादा बिक्री का दावा जीवनशैली 2 घंटे पहले 2
मिजोरम के खास ऑर्गेनिक फलों से तैयार एक जूस दिल्ली में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दावा है कि यह न केवल इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि गंभीर बीमारियों से भी बचाव में सहायक है।

मिजोरम से दिल्ली पहुंचा सेहत का नया मंत्र

मिजोरम के वनों और खेतों में पैदा होने वाले विशेष ऑर्गेनिक फलों से बना एक जूस इन दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे केवल एक सामान्य पेय के रूप में नहीं, बल्कि एक 'सुपर फूड' की तरह देख रहे हैं। यह जूस न केवल स्वाद में बेहतरीन बताया जा रहा है, बल्कि इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभ इसे और भी खास बना रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह ड्रिंक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत करने में बेहद कारगर है।

बीमारियों से बचाव का दावा

इस जूस को तैयार करने वाली इफी का दावा है कि यह डायबिटीज और हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक बार इस जूस का सेवन करता है, तो उसे भविष्य में दवाओं पर निर्भर रहने की नौबत नहीं आएगी। यह जूस पूरी तरह से प्राकृतिक है, क्योंकि इसे मिजोरम के स्थानीय स्तर पर उगने वाले फलों का उपयोग करके बनाया गया है।

कैसे हुई इस सफर की शुरुआत

इस अनोखे जूस को बनाने वाली इफी ने बताया कि उन्होंने पिछले साल इस परियोजना पर काम करना शुरू किया था। उन्हें इस क्षेत्र में काम करते हुए लगभग डेढ़ साल का समय बीत चुका है। इस जूस की रेसिपी में मिजोरम में पाए जाने वाले अनानास समेत कई खास प्रकार के फूलों और फलों का मिश्रण शामिल है। ये फल मिजोरम के स्थानीय किसानों से सीधे खरीदे जाते हैं, जिससे वहां के किसानों को भी आर्थिक संबल मिलता है। इसके बाद इन्हें शुद्ध और प्राकृतिक तरीके से प्रोसेस करके जूस का रूप दिया जाता है।

शानदार बिक्री और बढ़ती मांग

इस जूस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक मिजोरम में ही इसकी 5 लाख से अधिक बोतलें बिक चुकी हैं। इस सफलता के बाद अब इसे पूरे भारत में उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, जिसकी शुरुआत दिल्ली से की गई है। दिल्ली में आयोजित एक हालिया कार्यक्रम के दौरान जब इसका स्टॉल लगाया गया, तो लोगों ने इसमें काफी रुचि दिखाई। बड़ी संख्या में लोग न केवल इसे खरीद रहे हैं, बल्कि थोक में ऑर्डर भी दे रहे हैं। कुछ लोग तो इस जूस के बिजनेस मॉडल में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं और व्यावसायिक संभावनाओं पर जानकारी जुटा रहे हैं।

किफायती और सेहतमंद विकल्प

वर्तमान में इस जूस की कीमत काफी किफायती रखी गई है। 300 एमएल की एक बोतल की कीमत मात्र 70 रुपये के बीच है। मैन्युफैक्चरिंग के बारे में बताते हुए इफी ने स्पष्ट किया कि फल मिजोरम से ही लिए जाते हैं और उनकी प्रोसेसिंग भी मिजोरम में ही पूरी की जाती है, जिससे इसकी गुणवत्ता बरकरार रहती है। दिल्ली के बाजार में इसके कदम रखने के साथ ही, अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे अपने आहार का हिस्सा बनाने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह मिजोरम की स्थानीय उपज और आधुनिक स्वास्थ्य जरूरतों का एक अनूठा संगम बनकर उभरा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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