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एक घंटा पहले
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पाकिस्तान के सबसे महफूज ठिकाने पर हमला
पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित सेना मुख्यालय यानी GHQ में एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यह स्थान पाकिस्तान की सबसे सुरक्षित इमारतों में गिना जाता है और यहीं पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का आधिकारिक दफ्तर भी स्थित है। जानकारी के मुताबिक, एक हथियारबंद हमलावर ने अचानक सुरक्षा घेरे को भेदते हुए सीधे मुख्यालय के मुख्य गेट तक पहुंच बना ली और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले के बाद पूरे रावलपिंडी क्षेत्र में हड़कंप मच गया और सैन्य इलाके में तत्काल प्रभाव से आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी गई।
मुठभेड़ में एक जवान की मौत
जैसे ही हमलावर ने मुख्य एंट्री चेकपॉइंट पर फायरिंग शुरू की, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। दोनों तरफ से भारी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस भीषण मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तानी सेना का 1 जवान मौके पर ही शहीद हो गया, जबकि 2 अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी स्थिति अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अंततः हमलावर को ढेर कर दिया, जिससे वह मुख्यालय के अंदर प्रवेश करने में नाकाम रहा।
सुरक्षा तंत्र पर उठ रहे बड़े सवाल
इस घटना ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा ढांचे की पोल खोलकर रख दी है। एक गनमैन का सीधे सेना प्रमुख के दफ्तर के गेट तक पहुंच जाना देश के सुरक्षा दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। रावलपिंडी का यह इलाका कई परतों की सुरक्षा घेराबंदी और नाकाबंदी के बीच रहता है, ऐसे में हमलावर का वहां तक पहुंचना यह दर्शाता है कि अब पाकिस्तान में कोई भी स्थान पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है। इस हमले ने न केवल आम नागरिकों को बल्कि पूरे पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र को सकते में डाल दिया है।
आत्मघाती हमले की आशंका
शुरुआती खुफिया रिपोर्ट्स और घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर ने अपने शरीर पर भारी मात्रा में विस्फोटक छिपा रखा था। ऐसा माना जा रहा है कि यह एक सुनियोजित आत्मघाती हमला था, जिसका लक्ष्य सैन्य मुख्यालय के अंदरूनी हिस्से में घुसकर अधिक से अधिक तबाही मचाना था। यदि हमलावर मुख्यालय के भीतर दाखिल होने में सफल हो जाता, तो जनरल आसिम मुनीर के दफ्तर और वहां मौजूद शीर्ष सैन्य अधिकारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता था। सुरक्षाबलों की तत्परता ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है।
छावनी इलाके में सर्च ऑपरेशन और रेड अलर्ट
घटना के तुरंत बाद पूरे GHQ परिसर को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। रावलपिंडी कैंट और उसके आसपास के रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है और पूरे इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। आतंकवाद विरोधी दस्ते और थल सेना की विशेष टुकड़ियां अब भी पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। फॉरेंसिक टीमों ने हमलावर के शव के साथ-साथ उसके पास से बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री को कब्जे में ले लिया है। अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि हमलावर कौन था और किस आतंकी संगठन से उसका संबंध था। इस हमले के पीछे की साजिश को समझने के लिए हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
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