हरियाली तीज 2026: वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए अपनाएं यह विशेष ज्योतिषी उपाय धर्म एक घंटा पहले 5
हरियाली तीज के शुभ अवसर पर पति-पत्नी अपने रिश्तों की कड़वाहट दूर करने के लिए विशेष उपाय कर सकते हैं। यह विधि भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने में सहायक मानी जाती है।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

हरियाली तीज का पावन पर्व मुख्य रूप से पति और पत्नी के बीच अटूट प्रेम, सुखद वैवाहिक जीवन और आपसी सामंजस्य को समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है क्योंकि यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। जो विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और पूरे विधि-विधान के साथ आराधना करती हैं, उन्हें सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, कुंवारी युवतियां भी मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति और विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए यह व्रत श्रद्धापूर्वक रखती हैं। भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में यह त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष हरियाली तीज का पर्व 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।

रिश्तों में मिठास के लिए प्रभावी उपाय

दैनिक जीवन की भागदौड़ में कई बार पति-पत्नी के बीच छोटी-बड़ी गलतफहमियां पनपने लगती हैं, जिससे तनाव और मनमुटाव की स्थिति पैदा हो जाती है। यदि आप भी अपने दांपत्य जीवन में सुख और प्रेम को वापस लाना चाहते हैं, तो हरियाली तीज पर बताया गया यह उपाय बेहद कारगर सिद्ध हो सकता है। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर घर में सकारात्मकता का संचार करने के लिए जाना जाता है।

भीमसेनी कपूर और लौंग का अचूक टोटका

इस उपाय को करने के लिए हरियाली तीज के दिन सूर्यास्त का समय सबसे उपयुक्त माना गया है। विधि इस प्रकार है:

  • सबसे पहले भीमसेनी कपूर का एक शुद्ध टुकड़ा लें और उसे महादेव यानी भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र के समक्ष रखें।
  • इसके साथ ही 7 साबुत लौंग का चुनाव करें। ध्यान रहे कि ये लौंग कहीं से भी खंडित या टूटी हुई नहीं होनी चाहिए।
  • अपनी दाहिनी हथेली में इन सातों लौंग को रखें और भगवान शिव व माता पार्वती का स्मरण करते हुए अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, शांति और आपसी समझ बढ़ाने की प्रार्थना करें।

मंत्रोच्चार और विधि

प्रार्थना करने के बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का 11 माला जाप पूरी निष्ठा के साथ करें। जब मंत्र जाप पूर्ण हो जाए, तो हाथ में ली गई सातों लौंग को भीमसेनी कपूर के ऊपर रखें और उसे प्रज्वलित कर दें। इस क्रिया से उत्पन्न होने वाली सुगंध और धुआं पूरे घर में दिखाएं। ऐसा माना जाता है कि इससे घर की समस्त नकारात्मकता समाप्त हो जाती है। जब कपूर पूरी तरह जल जाए, तो थोड़ा सा जल अपने हाथ में लेकर दीपक की ओर घुमाएं और फिर उस जल को भूमि पर अर्पित कर दें। अंत में पुन: भगवान महादेव से प्रार्थना करें और पांच बार ॐ नमः शिवाय का जाप करके अपनी पूजा संपन्न करें।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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