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एक घंटा पहले
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गर्मी का मौसम ढलते ही और बारिश की दस्तक के साथ बाजारों में जामुन की आमद शुरू हो जाती है। यह एक ऐसा मौसमी फल है जो पूरे साल में केवल दो महीने ही खाने को मिलता है। स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी इसे बेहद उपयोगी माना जाता है, क्योंकि इसके सेवन से पाचन दुरुस्त रहता है, ब्लड शुगर काबू में रहता है और शरीर में खून की कमी दूर होती है। साथ ही यह त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
200 रुपये किलो बिक रहा, गांवों में मुफ्त उपलब्ध
खरगोन समेत प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों जामुन 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके बावजूद लोग इसे बड़े चाव से खरीदकर खा रहे हैं। दूसरी ओर जिले के कई ग्रामीण इलाकों और नर्मदा किनारे बसे क्षेत्रों में लोगों को इसके लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ते। यहां सड़कों, गलियों और खेतों के आसपास बड़ी संख्या में जामुन के पेड़ लगे हैं, जहां लोग सुबह-शाम पहुंचकर ताजा फल तोड़कर खाते हैं।
डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी
खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य ने बताया कि जामुन एक मौसमी फल है, जो गर्मी के अंत और वर्षा ऋतु की शुरुआत में कुछ समय के लिए ही उपलब्ध रहता है। उनके मुताबिक इसका नियमित और संतुलित सेवन कई शारीरिक परेशानियों में राहत देता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह उपयोगी है, क्योंकि यह शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की आशंका कम हो जाती है।
मूत्र संबंधी रोगों में आराम
डॉ. मौर्य ने बताया कि जिन लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्या रहती है, उनके लिए भी जामुन फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह शरीर की मूत्र नियंत्रण क्षमता को बेहतर बनाता है। इसके अलावा जामुन में आयरन, प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन मौजूद होते हैं, जो शरीर की कार्यक्षमता को मजबूती देते हैं।
इसमें विटामिन-सी भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में आयरन के अवशोषण में सहायक होता है। इससे खून की कमी और एनीमिया जैसी दिक्कतों में लाभ मिल सकता है।
त्वचा, बाल और पाचन के लिए फायदेमंद
जामुन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी कई समस्याओं में राहत देता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने और बालों की गुणवत्ता सुधारने में सहायक माने जाते हैं। यही वजह है कि इसे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हितकारी फल कहा जाता है।
सेवन में रखें ये सावधानियां
डॉ. संतोष मौर्य के अनुसार जामुन को खाली पेट और अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। इसे भोजन के बाद खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। उन्होंने बताया कि अगर इस पर काला नमक, सेंधा नमक या हल्का मसाला डालकर खाया जाए तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है। हालांकि, किसी भी अन्य चीज की तरह इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
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