बिहार
एक घंटा पहले
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निर्माण कार्य के दौरान काल बना करंट
हरियाणा के गुरुग्राम में एक दुखद हादसे में बिहार के मधेपुरा जिले के रहने वाले 28 वर्षीय अजीत कुमार की मौत हो गई। अजीत गुरुग्राम के हीरा नगर में रहकर मजदूरी करता था और अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत-मशक्कत कर रहा था। हादसा उस वक्त हुआ जब वह एक निर्माणाधीन मकान में लेंटर ढलाई का कार्य कर रहा था। काम के दौरान अचानक मशीन में बिजली का करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से अजीत की मौत हो गई। मौत का यह खौफनाक मंजर पास में लगे CCTV कैमरे में पूरी तरह कैद हो गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बिजली का झटका लगने के बाद वह करीब 10 सेकंड तक छटपटाता रहा।
परिजनों का आरोप, लापरवाही से गई जान
मृतक के छोटे भाई श्रवण कुमार ने गुरुग्राम पुलिस को दी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रवण का कहना है कि जिस मकान का निर्माण हो रहा था, उसके ठीक ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली की तारें गुजर रही थीं। इसके बावजूद वहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मकान मालिक और ठेकेदार की इसी लापरवाही के कारण अजीत को अपनी जान गंवानी पड़ी। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। गुरुवार को जब अजीत का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव बेलारी पंचायत पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पीछे छोड़ गया भरा-पूरा परिवार
अजीत अपने पीछे एक बेहद असहाय परिवार छोड़ गया है। उसकी पत्नी बेबी देवी के अलावा तीन मासूम बच्चे हैं, जिनमें 8 साल का बेटा विशाल कुमार, 4 साल की बेटी लक्ष्मी कुमारी और 10 माह का दुधमुंहा बेटा ऋषभ कुमार शामिल हैं। अजीत के पिता डोमी यादव और मां मंजू देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अजीत ही पूरे परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा था, जिसकी असमय मृत्यु से अब परिवार के सामने भरण-पोषण का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। इसके साथ ही ग्रामीणों ने लापरवाह मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। इससे पहले हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-63 की छिजारसी कॉलोनी में भी बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई थी, जहां 11 हजार वोल्ट का तार गिरने से स्कूटी सवार तीन लोगों समेत कुल 5 लोग बुरी तरह झुलस गए थे, जो बिजली सुरक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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