मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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इंदौर पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में ज़मीन के सौदों में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में सख्ती दिखाते हुए अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। विवाद मुख्य रूप से शहर के चर्चित शुभम वैली प्रोजेक्ट से संबंधित है, जहां प्लॉट खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। पुलिस फिलहाल दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और इस मामले से जुड़े हर एक व्यक्ति की संदिग्ध भूमिका को बारीकी से खंगाल रही है।
दो शिकायतों से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, नाना पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी की दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है, लेकिन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। पहली शिकायत एक महिला द्वारा दर्ज करवाई गई है, जिसका ताल्लुक शुभम वैली प्रोजेक्ट के प्लॉट नंबर 293 और 294 से है। महिला का आरोप है कि उसे प्लॉट देने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। इस शिकायत के सार्वजनिक होने के बाद संजय महाजन नाम के एक और व्यक्ति ने अपनी आपबीती पुलिस को बताई। महाजन ने खुलासा किया कि उन्होंने साल 2023 में नाना पटवारी के साथ एक एग्रीमेंट किया था। इस एग्रीमेंट के कागजात तैयार करने की जिम्मेदारी सुमित मंत्री ने निभाई थी।
सुमित मंत्री और नाना पटवारी के संबंधों पर सवाल
जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया है कि सुमित मंत्री आधिकारिक तौर पर नाना पटवारी के पार्टनर नहीं हैं। इसके बावजूद, पूछताछ में सुमित ने माना है कि नाना पटवारी अक्सर उन्हें शुभम वैली के प्लॉटों के एग्रीमेंट और उनसे जुड़े कागजात तैयार करने के लिए कॉल किया करते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दोनों के बीच यह व्यावसायिक तालमेल किस हद तक फैला था। जांच अधिकारी यह देख रहे हैं कि क्या इन दोनों मामलों के पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी। कागजात की सत्यता, दबाव बनाकर हस्ताक्षर लेने और पैसों के अवैध लेनदेन जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अन्य कंपनियों और लोगों की भूमिका
इस पूरे मामले की गहराई में जाने पर लाभम ग्रीन्स नामक एक फर्म का नाम भी सामने आया है, जो पप्पू मंत्री और सत्यनारायण मंत्री से जुड़ी बताई जा रही है। वहीं, लक्ष्य डेवलपर्स को इस प्रोजेक्ट की प्रमोटिंग कंपनी के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस की जांच के केंद्र में रंगवासा क्षेत्र का प्रोजेक्ट है, जिसमें कुलभूषण, नाना पटवारी, सतीश पटवारी और पप्पू मंत्री की भूमिका संदेह के घेरे में है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुमित मंत्री और पप्पू मंत्री रिश्तेदार हैं और साथ मिलकर काम करते हैं। यही कारण है कि पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें कुछ और प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही अगली कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।
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