उज्जैन का अनोखा रामेश्वर महादेव मंदिर: जहां 160 डिग्री तक घूमता है शिवलिंग, मिलता है 12 ज्योतिर्लिंगों का आशीर्वाद धर्म एक घंटा पहले 5
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर अपनी एक विशेष खूबी के लिए देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि मंत्रोच्चार के दौरान यहां का शिवलिंग 160 डिग्री तक घूमता है और इसके दर्शन से 12 ज्योतिर्लिंगों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

उज्जैन के आस्था का केंद्र रामेश्वर महादेव

धार्मिक नगरी उज्जैन में शिव भक्ति का विशेष महत्व है और यहां का हर कोना आस्था और पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है। इन्हीं चमत्कारी स्थलों में से एक है रामेश्वर महादेव मंदिर, जो अपनी अद्भुत मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यह पावन मंदिर मां हरसिद्धि मंदिर के ठीक पीछे और प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। महाकाल की इस नगरी में स्थित इस मंदिर की महिमा इतनी गहरी है कि देश-विदेश से भक्त यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए खिंचे चले आते हैं।

160 डिग्री घूमता हुआ शिवलिंग

इस मंदिर की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली विशेषता यहां विराजित शिवलिंग है। मंदिर के पुजारी पंडित विशाल लक्ष्मीकांत शुक्ला के मुताबिक, जब भक्त पूरी श्रद्धा के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना और शुद्ध मंत्रोच्चार करते हैं, तो यहां स्थित शिवलिंग करीब 160 डिग्री तक घूमता हुआ प्रतीत होता है। यह दृश्य न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को और भी मजबूत करता है। लोगों का ऐसा अटूट विश्वास है कि इस अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने से उन्हें एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने जैसा पुण्य फल मिलता है।

पौराणिक कथा और महत्व

धार्मिक ग्रंथों और स्कंद पुराण में भी इस प्राचीन शिव मंदिर का उल्लेख मिलता है, जो इसके ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को सिद्ध करता है। लोक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान माता सीता और लक्ष्मण के साथ मिलकर की थी। इसी कारण इस मंदिर को रामेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। मंदिर की महिमा ऐसी है कि शिवलिंग को अलग-अलग कोण पर देखने से भक्तों को 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य स्वरूप का आभास होता है।

श्रावण मास में विशेष दर्शन

महाकाल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर में श्रावण के पवित्र महीने के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर शिप्रा नदी में स्नान करते हैं और फिर विधि-विधान से शिवलिंग का जलाभिषेक कर अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करते हैं। पुजारी विशाल लक्ष्मीकांत शुक्ला का कहना है कि जो भी भक्त यहां आकर भगवान राम द्वारा स्थापित इस शिवलिंग की सच्चे मन से पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। अपनी इसी चमत्कारी मान्यता के कारण रामेश्वर महादेव मंदिर ने उज्जैन की धार्मिक धरोहर में एक खास जगह बना ली है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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