विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में सरकार, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत भारत एक घंटा पहले 5
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे बड़े विधेयकों को पारित कराने के लिए पर्याप्त समर्थन होने का संकेत दिया गया है।

विशेष सत्र और विधेयकों की संभावना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एनडीए के सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि सरकार के पास परिसीमन बिल को पारित कराने के लिए आवश्यक समर्थन मौजूद है। सूत्रों के अनुसार, सरकार के पास 366 सांसदों का समर्थन जुट चुका है। चर्चा है कि इसी महीने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, जिसमें परिसीमन विधेयक के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। सांसदों को भरोसा दिलाया गया है कि परिसीमन की पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के समर्थन के बदले डीएमके ने अपनी ओर से 3 शर्तें भी रखी हैं।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों को निर्देश दिए कि वे Gen-Z और युवाओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा, युवाओं के बीच सरकार के प्रति किसी भी तरह की नाराजगी या नकारात्मकता को बातचीत के माध्यम से दूर करने का प्रयास करने को कहा गया है।

शिवसेना (शिंदे) गुट को मिला आश्वासन

इस बैठक में शिवसेना (शिंदे) गुट के 7 सांसद शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पार्टी से जुड़े सभी निर्णय संवैधानिक दायरे में लिए गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्यों या केंद्र सरकार से जुड़े किसी भी जरूरी मुद्दे के लिए सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में एनसीपी (अजित पवार) के सांसदों के साथ-साथ उपेंद्र कुशवाहा समेत लगभग 45 सांसद उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के साथ नाश्ते पर चर्चा की।

विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास के लिए सत्ता का प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी भी विकास परियोजना में कोई बाधा आती है, तो बिना देरी किए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबाळकर के स्वास्थ्य और नियमित योगाभ्यास के बारे में भी पूछा। प्रधानमंत्री का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं स्वस्थ रहेंगे, तभी वे देश की सेवा बेहतर ढंग से कर पाएंगे। उन्होंने सांसदों को नियमित योग और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के साथ-साथ गरीब, मजदूर और किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने की सलाह दी।

एनडीए की एकजुटता और पूर्वोत्तर का विकास

सांसदों को राजनीतिक और सामाजिक माहौल के प्रति अपडेट रहने के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पूर्व में पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर जितना ध्यान दिया जाना चाहिए था, वह नहीं हुआ। वर्तमान सरकार की प्राथमिकता पूरे देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि एनडीए में किसी भी दल का महत्व उसके सांसदों की संख्या से नहीं मापा जाता है। एक सांसद वाली पार्टी को भी उतनी ही अहमियत दी जाती है जितनी किसी बड़े दल को। उन्होंने सभी सहयोगी दलों से एकजुट होकर एनडीए को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।

संसद में हंगामे पर जताई चिंता

संसद की कार्यवाही को लेकर प्रधानमंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है और इसका सुचारु संचालन बहुत आवश्यक है। लगातार होने वाले हंगामे के कारण नए सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है। प्रधानमंत्री ने अफसोस जताया कि सरकार ने संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष से भी संवाद किया, लेकिन जारी हंगामे की वजह से न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष के सांसद अपनी बात सदन में मजबूती से रख पा रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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