पटना में बड़ा हादसा: खेलते-खेलते खुले नाले में गिरा 12 साल का चिंटू, दर्दनाक मौत से परिवार में मचा कोहराम बिहार एक घंटा पहले 7
बिहार की राजधानी पटना के मेहंदीगंज इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां घर के पास खेल रहा 12 साल का बच्चा अचानक खुले नाले में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।

बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीपुर अड्डा पूर्वी कस्बा में गुरुवार को एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। घर के बाहर खेलते समय एक खुले नाले की चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 61 की है। गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को दोपहर के समय मुकेश दास का 12 वर्षीय बेटा चिंटू कुमार अपने घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक वहां बने एक बड़े और खुले नाले के करीब चला गया। नाला पूरी तरह से खुला होने के कारण चिंटू का पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा।

जैसे ही इस बात की भनक स्थानीय लोगों और परिजनों को लगी, वहां चीख-पुकार मच गई। बच्चे को बचाने के लिए आस-पास के लोग तुरंत नाले की तरफ दौड़े। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर बच्चे को नाले से बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि, जब तक चिंटू को बाहर निकाला जा सका, तब तक काफी देर हो चुकी थी और अत्यधिक पानी भर जाने के कारण मासूम दम तोड़ चुका था। घटना की सूचना मिलते ही मेहंदीगंज थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

खुले नालों को लेकर लोगों में गहरा गुस्सा

इस हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि:

  • इलाके का यह मुख्य नाला काफी लंबे समय से खुला हुआ है।
  • इस नाले की नियमित रूप से न तो सफाई की जाती है और न ही इसे ढकने का कोई इंतजाम किया गया।
  • बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

क्रोधित लोगों ने नगर निगम प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि राजधानी के सभी खुले नालों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और उन्हें कंक्रीट की स्लैब से ढका जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

मां का रो-रोकर बुरा हाल, पसरा सन्नाटा

मासूम चिंटू की इस तरह अचानक हुई मौत ने उसके माता-पिता को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। घटना के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है। मृत बच्चे की मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह बार-बार बदहवास होकर अपने बेटे चिंटू को पुकार रही है। मां की यह दयनीय स्थिति देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।

सुरक्षा दावों की खुली पोल, दिल्ली में भी हुआ था हादसा

प्रशासन की लापरवाही के कारण लगातार ऐसे हादसों की खबरें आ रही हैं। हर साल प्रशासन की ओर से मॉनसून से पहले नालों को ढकने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है। आज भी राजधानी पटना के कई इलाकों में बड़े-बड़े फ्लड ड्रेन खुले पड़े हैं, जो हर समय हादसों को न्योता देते रहते हैं।

गौरतलब है कि ऐसी ही लापरवाही की एक घटना ठीक एक दिन पहले देश की राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिली थी। दिल्ली में एक ओवरफ्लो हो रहे नाले में अचानक 3 स्कूली बच्चे गिर गए थे। गनीमत रही कि वहां लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऐसे हादसे बार-बार नगर निकायों और नागरिक सुरक्षा की बदहाली को उजागर करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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