अखबार बांटने से लेकर अपने ब्रांड तक: जमशेदपुर के मनप्रीत की प्रेरक यात्रा व्यापार एक घंटा पहले 3
तीन साल की उम्र में पिता को खोने वाले जमशेदपुर के 21 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने बचपन से मेहनत कर आज 'Shades of Punjab' नाम से अपना कपड़ा ब्रांड खड़ा किया है, जिसके शहर में दो आउटलेट चल रहे हैं।

जमशेदपुर के रहने वाले 21 वर्षीय मनप्रीत सिंह की जिंदगी इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि लगातार मेहनत और हार न मानने का जज्बा किसी को भी सफलता की राह पर ले जा सकता है। कम उम्र में ही जिम्मेदारियां उठाने वाले इस युवक ने आज अपने नाम का एक ब्रांड खड़ा कर लिया है।

बचपन में ही सिर से उठ गया पिता का साया

मनप्रीत महज 3 साल के थे, जब उनके सिर से पिता का साया उठ गया। इतनी छोटी उम्र में पिता को खोने के बाद परिवार की हालत ऐसी रही कि उन्हें बचपन से ही कमाई के रास्ते तलाशने पड़े। दूसरे बच्चे जब खेलते-पढ़ते थे, तब मनप्रीत संघर्ष की राह पर चल पड़े थे।

अमरूद बेचे और घर-घर पहुंचाया अखबार

शुरुआती दिनों में उन्होंने घर के अमरूद बेचकर पैसे जुटाए। इसके बाद घर-घर अखबार पहुंचाने का काम किया। छोटे-छोटे कामों से होने वाली कमाई ही उस दौर में परिवार का सहारा बनी और इसी मेहनत ने उनके भीतर आगे बढ़ने का हौसला भरा।

कपड़ों के कारोबार से बनी पहचान

समय के साथ मनप्रीत कपड़ों के कारोबार से जुड़े और 'Shades of Punjab' नाम से अपना खुद का ब्रांड शुरू किया। आज शहर में उनके दो आउटलेट चल रहे हैं, जहां पंजाबी परिधानों की अच्छी रेंज ग्राहकों को उपलब्ध है।

मेहनत को बताया सबसे बड़ी ताकत

मनप्रीत कहते हैं कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके मुताबिक, निरंतर मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही, जिसने उन्हें एक मुश्किल बचपन से निकालकर अपने सपनों को साकार करने का मौका दिया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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