लुधियाना में मजदूरी से बिहार में अपनी कंपनी तक: 12वीं पास शंभू ने 50 हजार से शुरू कर 30 लाख का टर्नओवर खड़ा किया व्यापार 3 महीने पहले 52
जहानाबाद के शंभू कुमार ने 12वीं के बाद नौकरी छोड़कर सिर्फ 50 हजार रुपये से कपड़ा उद्योग शुरू किया और आज उनका सालाना टर्नओवर 30 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। PMEGP स्कीम की मदद से उनका कारोबार अब 7 जिलों में फैला है और दर्जनों लोगों को रोजगार दे रहा है।

कभी जिनकी पढ़ाई को लेकर लोग ताने मारते थे और कहते थे कि मजदूरी ही करेगा, आज वही शंभू कुमार अपने जिले में एक कामयाब कपड़ा उद्योग चला रहे हैं। बिहार के जहानाबाद जिले के रहने वाले शंभू ने 12वीं के बाद नौकरी का रास्ता छोड़कर अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया और महज 50 हजार रुपये की पूंजी से शुरुआत की। आज उनका कारोबार 7 जिलों तक फैल चुका है और सालाना 30 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहा है।

संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला नहीं टूटा

शंभू बताते हैं कि कुछ कर गुजरने की चाहत उनमें बचपन से ही थी। इंटरमीडिएट तक पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कमाई करने और हुनर सीखने के लिए घर से बाहर निकल पड़े। उस वक्त उनके पास सीमित साधन और कुछ ही पैसे थे, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। करीब 3 साल तक उन्होंने जमकर मेहनत की, अलग-अलग जगहों पर जाकर बाजार को समझा और इसके बाद घर लौट आए। फिर थोड़ी पूंजी जुटाकर कपड़ों का कारोबार शुरू कर दिया।

लुधियाना में सीखी बारीकियां, फिर घर पर लगाई फैक्ट्री

32 वर्षीय शंभू कुमार मूल रूप से जहानाबाद जिला मुख्यालय के ही निवासी हैं। शुरुआत से ही उनका सपना अपना कारोबार करने का था, लेकिन पूंजी की कमी और जानकारी के अभाव के चलते वे लुधियाना चले गए। वहां उन्होंने काम की एक-एक बारीकी को सीखा और समझा। इसके बाद उन्होंने अपने ही घर से उद्योग की नींव रखी। साल 2022 में उन्होंने जिला मुख्यालय में फैक्ट्री लगाई, अलग-अलग तरह की मशीनें मंगवाईं और कच्चा माल जुटाया।

हाफ पैंट, टी-शर्ट और ट्राउजर्स का उत्पादन

शुरुआत में शंभू ने खुद और एक कारीगर के साथ काम शुरू किया था। फिलहाल वे मुख्य रूप से हाफ पैंट, टी-शर्ट और ट्राउजर्स तैयार कर रहे हैं। इस समय वे हर महीने 5 हजार से 6 हजार पैंट, टी-शर्ट और ट्राउजर्स का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी यूनिट पर 15 से 20 लोग काम कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग शहरों में 5 सेल्समैन भी रखे हैं, जिनके जरिए उनका माल दूसरे शहरों तक पहुंच रहा है।

PMEGP स्कीम से मिली मदद

शंभू ने बताया कि उन्होंने एक छोटी सी रकम से कारोबार की शुरुआत की थी और आज उनकी यूनिट बेहतर उत्पादन कर रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण ठीक से हो रहा है। उन्हें जिला उद्योग केंद्र जहानाबाद से PMEGP स्कीम के तहत 10 लाख रुपये का लोन मिला, जिससे कारोबार को बढ़ाने में बड़ी मदद मिली। इस पर उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान मिला, जिससे लोन चुकाना आसान हो गया।

तानों का जवाब मेहनत से दिया

शंभू कहते हैं कि वे अक्सर सोचते थे कि कम पढ़े-लिखे होने के कारण आखिर क्या करते, शायद लुधियाना और कोलकाता में मजदूरी ही करते रहते। लेकिन थोड़ी मेहनत और थोड़ी समझदारी लगाकर आज वे एक अच्छा कारोबार खड़ा कर पाए हैं। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने दर्जनों लोगों को रोजगार देकर खुद को दूसरों के लिए प्रेरणा बना दिया है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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