9 साल, 10 परीक्षाएं, 4 बार NET — सागर के अश्वनी पटेल ने MPPSC के चौथे प्रयास में पाई असिस्टेंट प्रोफेसर की कुर्सी करियर 2 दिन पहले 11
सागर के अश्वनी पटेल ने 9 साल की अथक मेहनत, 10 परीक्षाओं और 4 बार NET क्वालिफाई करने के बाद MPPSC (AP) 2024 में 57वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन पाया। गेस्ट फैकल्टी की नौकरी के साथ-साथ सेल्फ स्टडी और सोशल मीडिया से दूरी उनकी सफलता के मूल मंत्र रहे।

संघर्ष की लंबी राह, मीठा फल

कहावत है कि धैर्य रखने वाले को अंत में सफलता अवश्य मिलती है। सागर जिले के मकरोनिया स्थित रामलला वार्ड गायत्री नगर निवासी अश्वनी पटेल ने इस कहावत को अपने जीवन में सच साबित करके दिखाया। उन्होंने 9 वर्षों में 10 अलग-अलग परीक्षाएं दीं, चार बार NET उत्तीर्ण किया और अंततः MPPSC के चौथे प्रयास में जो ग्राफी विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर अपना नाम दर्ज कराने में सफल रहे।

12 जून को आया बहुप्रतीक्षित परिणाम

12 जून को MPPSC (AP) 2024 का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें अश्वनी पटेल को 57वीं रैंक मिली। यह उपलब्धि उनके लिए वर्षों के परिश्रम और आत्मविश्वास की परिणति है। उनके पिता धर्मेंद्र सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। तीन भाइयों में अश्वनी सबसे बड़े हैं।

इंदौर से लौटकर शुरू किया नया अध्याय

अश्वनी ने अपने करियर के शुरुआती 5 साल इंदौर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगाए, लेकिन उस दौरान अपेक्षित सफलता हासिल नहीं हो सकी। इसके बाद वे वापस घर लौट आए और टीकमगढ़ जिले की लिधौरा महाविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के रूप में अपनी सेवाएं देने लगे। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने तैयारी जारी रखी।

दिनचर्या: कॉलेज ड्यूटी के बावजूद रोज 6-7 घंटे पढ़ाई

पिछले 3 साल से अश्वनी सेल्फ स्टडी के दम पर तैयारी कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी। महाविद्यालय में उनकी ड्यूटी सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहती थी। इसलिए उन्होंने अपनी दिनचर्या इस प्रकार तय की — सुबह 5:00 बजे उठकर 9:00 बजे तक पढ़ाई, और शाम को 7:00 बजे से रात 12:00 बजे तक पुनः अध्ययन। इस तरह वे प्रतिदिन लगभग 6 से 7 घंटे तैयारी करते थे और केवल 5 घंटे की नींद लेते थे।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अध्ययन सामग्री

अश्वनी ने पहली से 12वीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 से पूरी की। इसके बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से हासिल की। सेल्फ स्टडी के दौरान उन्होंने अपने स्वयं के नोट्स तैयार किए, जिन्हें वे बार-बार पढ़ते थे। इसके अलावा राजस्थान की एक यूनिवर्सिटी के सूरत सर के नोट्स भी मंगवाए और उनका निरंतर अध्ययन किया।

अश्वनी की सलाह: सिलेबस पर केंद्रित रहें, निराश न हों

अपने अनुभव के आधार पर अश्वनी पटेल अन्य अभ्यर्थियों को यह सुझाव देते हैं कि तैयारी के दौरान बार-बार किताबें नहीं बदलनी चाहिए। केवल निर्धारित सिलेबस पर ही ध्यान केंद्रित करें और उससे बाहर की सामग्री पढ़ने से बचें। परीक्षा में असफलता मिलने पर हताश होने की बजाय पिछले प्रश्नपत्र की कमियों को पहचानें और उन्हें दूर करने पर जोर दें, ताकि अगला प्रयास और बेहतर रहे। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास ही किसी भी लक्ष्य को पाने की असली कुंजी है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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