ChatGPT का कमाल: एआई की मदद से 10 लाख की सैलरी 80 लाख तक पहुंचाई, जानें कैसे व्यापार एक घंटा पहले 2
एक प्रोफेशनल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटजीपीटी का सही इस्तेमाल कर अपनी सालाना कमाई में आठ गुना बढ़ोतरी दर्ज की है। जानिए कैसे आप भी इस तकनीक के जरिए अपना करियर संवार सकते हैं।

एआई टूल का स्मार्ट इस्तेमाल

आज के दौर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि करियर में ऊंची छलांग लगाने के लिए भी किया जा सकता है। रितु मौर्या नाम की एक प्रोफेशनल ने इसका बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। रितु ने चैटजीपीटी और अन्य एआई टूल्स का उपयोग करके अपनी सालाना कमाई को महज एक साल के भीतर 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 80 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है।

जॉब सर्च का नया तरीका

रितु ने बताया कि पारंपरिक तरीके से नौकरी के लिए आवेदन करने के बजाय उन्होंने एआई का सहारा लिया। उन्होंने सीधे हायरिंग मैनेजर्स से संपर्क किया और चैटजीपीटी के जरिए ऐसे प्रोजेक्ट्स तैयार किए, जो उनकी स्किल्स को सीधे तौर पर साबित करते थे। इस तकनीक ने उन्हें बिना लंबे इंटरव्यू प्रोसेस के आकर्षक सैलरी पैकेज पाने में मदद की।

युवाओं को दी यह सलाह

रितु के अनुसार, युवाओं को सबसे पहले ऐसी कंपनियों की पहचान करनी चाहिए जिनके लक्ष्य उनके करियर के साथ मेल खाते हों। इसके बाद का चरण चैटजीपीटी की मदद से जॉब रोल को समझना और उससे संबंधित एक प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट तैयार करना है।

प्रोजेक्ट बनाने में कौन से टूल हैं मददगार

  • Emergent.sh: यह एक एआई पॉवर्ड प्लेटफॉर्म है जो आपके आइडिया को प्रोजेक्ट का रूप देता है।
  • कोडिंग और डिबगिंग: यह टूल प्लानिंग से लेकर कोडिंग और डिप्लॉयमेंट तक में मदद करता है, जिससे तकनीकी ज्ञान न होने पर भी काम आसान हो जाता है।

हायरिंग मैनेजर को कैसे प्रभावित करें

प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद, उसे सीधे हायरिंग मैनेजर के पास भेजें। रितु का सुझाव है कि मैनेजर को यह स्पष्ट करें कि आपका प्रोजेक्ट कंपनी की समस्याओं को हल करने में कैसे सक्षम है। अपने प्रोजेक्ट का एक छोटा वीडियो बनाकर उसे लिंक्डइन पर अपनी प्रोफाइल के साथ पिन करें। यह तरीका पारंपरिक रिज्यूमे से कहीं ज्यादा प्रभावी साबित होता है और नियोक्ताओं का ध्यान तेजी से आकर्षित करता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!