28 साल पहले लोगों के तानों से शुरू हुआ था सफर, आज 80 लाख का टर्नओवर बना चुका है मिसाल व्यापार एक घंटा पहले 3
सागर के पंकज जैन ने कभी लोगों के ताने सुनकर अपना छोटा सा व्यवसाय शुरू किया था, आज वही यूनिट सालाना 80 लाख रुपए की कमाई कर रही है।

सफलता की एक अनूठी दास्तान

सागर के निवासी पंकज जैन की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए समाज की परवाह किए बिना मेहनत करते हैं। आज से 28 साल पहले जब उन्होंने अपना काम शुरू करने का फैसला लिया था, तब उन्हें अपने आसपास के लोगों से सिर्फ और सिर्फ तानों का सामना करना पड़ा था। लोगों का मानना था कि जिस रास्ते पर वे चल रहे हैं, वहां केवल असफलता हाथ लगेगी और उनका लगाया हुआ निवेश भी पूरी तरह डूब जाएगा। लेकिन पंकज ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर टिके रहे।

8 लाख से शुरू हुआ सफर

पंकज जैन ने जब 1998 में अपने व्यवसाय की नींव रखी, तब उन्होंने इसमें 8 लाख रुपए का निवेश किया था। उस समय सागर के सिदगुवां औद्योगिक क्षेत्र में लोग मेटल, लोहा, साबुन, पेस्टिसाइड और कत्था जैसी बड़ी इंडस्ट्रीज लगाने में व्यस्त थे। ऐसे बड़े प्रतिस्पर्धियों के बीच पंकज ने अपनी एक छोटी सी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने का साहस दिखाया।

लोगों के ताने और अटल इरादे

अपने शुरुआती दिनों में पंकज को कई बार सरकारी विभागों और परिचितों की नकारात्मक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वे अक्सर उनसे पूछते थे कि आखिर दरवाजों, खिड़कियों, रेलिंग और गेट पर ओम, स्वस्तिक, गणेश जी, लक्ष्मी जी या कलश जैसी आकृतियां बनाकर वे कितना लाभ कमा पाएंगे। लोगों को लगता था कि यह काम सीमित है और इसमें ज्यादा भविष्य नहीं है। हालांकि, पंकज ने इन बातों को दरकिनार कर अपनी मेहनत जारी रखी। उन्होंने ग्रिल, डंबल प्लेट, थ्रेसर की पुली, मैनुअल कवर और कास्ट टायरिंग जैसे कार्यों में अपनी दक्षता साबित की।

भविष्य की नई योजनाएं

कभी लोगों की आलोचनाओं को सहने वाले पंकज जैन आज एक सफल बिजनेसमैन हैं। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि उनकी यूनिट का सालाना टर्नओवर आज 80 लाख रुपए तक पहुंच गया है। समय के साथ बाजार के बदलते मिजाज को वे बखूबी समझ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में एल्यूमिनियम और रबर आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण पुराने आयरन वर्क के बाजार में कुछ गिरावट जरूर आई है, लेकिन पंकज अब इससे आगे की सोच रहे हैं। वे अब मोटर पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रखने की योजना बना रहे हैं, ताकि अपने कारोबार को और विस्तार दे सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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