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एक घंटा पहले
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ग्रामीण परिवेश से निकली सफलता की कहानी
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले 25 वर्षीय आर्यन ने स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ी मिसाल कायम की है। पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग करने की चाहत ने उन्हें पशुपालन और विशेष रूप से बत्तख पालन की ओर प्रेरित किया। आज आर्यन न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
7 लाख से शुरुआत और 50 लाख तक का सफर
आर्यन ने जब इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, तब उन्होंने इसमें 7 लाख रुपये की पूंजी लगाई थी। आज अपनी कड़ी मेहनत और सही रणनीति के दम पर वे हर साल 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार कर रहे हैं। अगर मासिक आय की बात करें तो आर्यन वर्तमान में हर महीने 5 लाख रुपये तक की कमाई आसानी से कर रहे हैं।
एक साल में ही मिली कामयाबी
आर्यन की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बहुत कम समय में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। एक साल के भीतर ही उन्होंने अपने इस व्यवसाय को इस स्तर तक पहुंचा दिया है कि यह अब एक सफल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। उनकी सफलता का यह सफर साबित करता है कि अगर सही दिशा में लगन के साथ काम किया जाए, तो गांव के संसाधनों से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है।
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