उपनाम: किसान आय
अब बेकार नहीं जाएगी आम की गुठली: बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने तैयार किए बटर, तेल और पाउडर
बिहार कृषि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने आम की गुठली से बटर, तेल और पाउडर बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे अब किसानों और आम लोगों को गुठलियों के भी उचित दाम मिलेंगे।
रुदावल का ककड़ी आम: खट्टी-मीठी पहचान और किसानों की बढ़ती आमदनी का जरिया
भरतपुर जिले के रुदावल इलाके में पैदा होने वाला ककड़ी आम अपने विशिष्ट स्वाद और अचार उपयोगिता के चलते क्षेत्रीय पहचान बना रहा है। कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली यह फसल किसानों की आय का मजबूत आधार बनती जा रही है।
पलामू के पंडवा एफपीओ को 95% अनुदान पर मिली तेल मिल, सरसों का तेल निकालकर किसान खुद बेचेंगे, आमदनी होगी दोगुनी
पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को वेजफेड रांची के सहयोग से 95 प्रतिशत सरकारी अनुदान पर तेल मिल मिली है। अब 765 किसान सरसों की फसल से सीधे तेल निकालकर बाजार में बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने क...
महंगी यूरिया-डीएपी से मिलेगी राहत, धान बोने से पहले अपनाएं यह प्राकृतिक उपाय, और उपजाऊ होगी खेत की मिट्टी
धान की खेती में यूरिया और डीएपी की बढ़ती कीमत व किल्लत से जूझ रहे किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती और हरी खाद का सुझाव दिया है, जिससे लागत घटती है और पैदावार बेहतर होती है।
मानसून में लगाएं टमाटर की ये उन्नत किस्में, कम लागत में होगी बंपर कमाई और बाजार में मिलेगा दोगुना दाम
जमुई के प्रगतिशील किसान निरंजन कुमार के मुताबिक जून-जुलाई में टमाटर की अगेती खेती के लिए नर्सरी तैयार करना सबसे उपयुक्त रहता है, क्योंकि मानसून के टमाटर को बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
गोबर से बनेगी जैविक खाद, किसानों की हर महीने होगी हजारों की अतिरिक्त कमाई
मध्य प्रदेश के प्रगतिशील किसान के अनुसार दुधारू पशुओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर किसान खेती की लागत घटा सकते हैं और हर महीने 18 से 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं।
कम लागत में लाखों की कमाई: धान से आगे निकली हल्दी, जून में बुआई का सही मौका
बिलासपुर में हल्दी की खेती किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बन रही है। उन्नत किस्मों से प्रति हेक्टेयर 250 से 300 क्विंटल तक उत्पादन और 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ संभव है।
पलामू के किसान की मिसाल: पांच एकड़ में लगाया आम का बाग, अब सालाना लाखों की आमदनी
पलामू के सतबरवा प्रखंड के किसान विनोद कुमार ने मनरेगा योजना का लाभ लेकर पांच एकड़ में आम की बागवानी शुरू की और आज इससे सालाना करीब तीन लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे हैं।
मुंगेर: सिर्फ 110 रुपये में होगी मिट्टी की जांच, खाद का खर्च घटेगा और बढ़ेगी कमाई; 8 दिन में मिलेगा सॉयल हेल्थ कार्ड
मुंगेर कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले महज 110 रुपये में मिट्टी की जांच कराने से किसान खाद-उर्वरक पर अनावश्यक खर्च बचा सकते हैं और बेहतर उत्पादन पा सकते हैं। नमूना जमा होने के करीब सात से आठ दिन के भीतर सॉयल हेल्थ कार्ड तैयार हो...
मल्टी लेयर फार्मिंग: एक ही खेत में उगाएं तीन फसलें, जानें तैयारी का पूरा तरीका
एक ही खेत में एक साथ दो या तीन फसलें उगाकर किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। एक्सपर्ट से जानें मल्टी लेयर फार्मिंग की सही तैयारी और फसलों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन।
औषधीय खेती से बदली तकदीर: 50 हजार लगाकर रोज हजारों कमा रहे अंबाला के किसान अजय सिंह
अंबाला के बराड़ा क्षेत्र के किसान अजय सिंह ने डेढ़ एकड़ जमीन पर औषधीय पौधों की खेती शुरू की और शुरुआती करीब 50 हजार रुपये के खर्च से अब प्रतिदिन हजारों रुपये की आय हासिल कर रहे हैं।
डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना? घर पर पालें ये उन्नत नस्ल की भैंस, मिलेगा भरपूर दूध
मुर्रा, मेहसाना, जाफराबादी और भदावरी जैसी उन्नत भैंस नस्लें भीलवाड़ा समेत ग्रामीण इलाकों में डेयरी कारोबार को नई रफ्तार दे रही हैं और किसानों की आय बढ़ा रही हैं। सही नस्ल चुनकर और उचित देखभाल कर पशुपालक अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
कटहल किसानों के लिए हरा खजाना, सही प्रजाति और देखभाल से साधारण पेड़ भी देगा बंपर पैदावार
बढ़ती लागत के बीच कटहल कम खर्च में लंबे समय तक आमदनी देने वाला बहुउपयोगी पेड़ है। विशेषज्ञ के अनुसार सही प्रजाति, समय पर पोषण और वैज्ञानिक देखभाल अपनाकर किसान कम फलन वाले पेड़ों से भी अच्छा उत्पादन ले सकते हैं।
मधुमक्खी पालन बना किसानों के लिए कमाई का जरिया, 50 बक्सों से 3 लाख तक आमदनी और 40% सब्सिडी का मौका
उद्यान विभाग मधुमक्खी पालन पर 40% तक सब्सिडी दे रहा है। 50 बक्सों से शुरुआत कर किसान करीब 3,00,000 रुपये तक की सालाना कमाई कर सकते हैं और फसल उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं।
धान की खेती हुई आसान: सीधी बुवाई करने वाली ये दो मशीनें घटाएंगी मजदूरी और बढ़ाएंगी मुनाफा
अब धान की खेती में नर्सरी, रोपाई और भारी मजदूरी की जरूरत घट रही है। सुपर सीडर और जीरो टिलेज सीड ड्रिल एक ही बार में बुवाई पूरी कर पानी, डीजल, समय और श्रम की बचत करा रही हैं।