झारखंड
2 दिन पहले
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किसानों की आय बढ़ाने की नई पहल
आज भी देश के अनेक किसान अपनी मेहनत से उगाई फसल को खेत से सीधे बाजार में कम दाम पर बेच देते हैं और उन्हें उनकी उपज का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पाता। यदि किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर अपनी फसल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री की जिम्मेदारी खुद उठाएं, तो उनकी कमाई कई गुना तक बढ़ सकती है। इसी सोच को जमीन पर उतारने के लिए पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ के जरिये एक तेल मिल की स्थापना की जा रही है।
25 लाख की योजना में 95% अनुदान
पंडवा प्रखंड के किसान ओमकार नाथ के अनुसार यह तेल मिल वेजफेड रांची के सहयोग से स्थापित की जा रही है। लगभग 25 लाख रुपये की इस योजना में सरकार की ओर से 95 प्रतिशत अनुदान दिया गया है, जबकि लाभार्थियों को केवल 5 प्रतिशत राशि का योगदान करना पड़ा है। मिल के लिए करीब 30×40 फीट के क्षेत्र में मशीनें लगाई जा रही हैं। ओमकार नाथ का कहना है कि यह परियोजना एफपीओ के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम सिद्ध होगी।
पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड
पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एफपीओ पिछले चार वर्षों से सक्रिय रूप से काम कर रही है और वर्तमान में इससे 765 किसान जुड़े हुए हैं। संगठन के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर खाद और बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। भविष्य में कृषि मशीनरी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे किसान किराये पर लेकर खेती में इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन क्षमता के साथ-साथ आमदनी भी बढ़ेगी।
200 रुपये प्रति लीटर तक मिलेगा तेल का दाम
फिलहाल पंडवा क्षेत्र के किसान सरसों को 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेच देते हैं, जिससे उन्हें फसल का पूरा मुनाफा नहीं मिल पाता। लेकिन तेल मिल लग जाने के बाद किसान सरसों से तेल निकालकर उसे लगभग 200 रुपये प्रति लीटर तक बेच सकेंगे। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और क्षेत्र में कृषि आधारित व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।
उपभोक्ताओं और रोजगार को भी लाभ
तेल मिल से तैयार शुद्ध सरसों का तेल स्थानीय बाजार में उपलब्ध होने से आम उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। साथ ही इस उद्यम से इलाके में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ओमकार नाथ ने बताया कि एफपीओ के शुरुआती दौर में सरकारी सहयोग मिलता है, लेकिन आगे चलकर संस्था को अपने संसाधनों से स्वयं चलाना होता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए तेल मिल की स्थापना की जा रही है, ताकि एफपीओ आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बन सके।
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