मधुमक्खी पालन बना किसानों के लिए कमाई का जरिया, 50 बक्सों से 3 लाख तक आमदनी और 40% सब्सिडी का मौका उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
उद्यान विभाग मधुमक्खी पालन पर 40% तक सब्सिडी दे रहा है। 50 बक्सों से शुरुआत कर किसान करीब 3,00,000 रुपये तक की सालाना कमाई कर सकते हैं और फसल उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं।

खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी की तलाश में जुटे किसानों के लिए मधुमक्खी पालन एक फायदेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है। यह ऐसा व्यवसाय है जिसमें लागत कम और मुनाफा अधिक है, साथ ही इससे खेतों की पैदावार में भी इजाफा होता है। उद्यान विभाग की ओर से इस काम पर आकर्षक सब्सिडी भी दी जा रही है।

खेती को कैसे मिलता है फायदा

उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता बताते हैं कि मधुमक्खी पालन से खेती का बहुआयामी विकास होता है। इससे किसानों को न केवल रोजगार और बेहतर आय मिलती है, बल्कि परागण की प्रक्रिया के चलते फसल उत्पादन में करीब 30 से 40% तक की बढ़ोतरी भी हो सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सामान्य तौर पर इसकी शुरुआत अक्टूबर महीने के बाद की जाती है, जब सरसों और लाही आदि की बुवाई पूरी हो चुकी होती है। इस दौरान मधुमक्खियां सरसों के फूलों से शहद इकट्ठा करती हैं।

3 लाख की लागत पर 40% की सब्सिडी

अगर कोई किसान 50 बक्सों के साथ मधुमक्खी पालन की शुरुआत करता है तो उसकी अच्छी आमदनी शुरू हो सकती है। 50 बक्सों पर सरकार की ओर से 1,28,000 का अनुदान मिलता है। करीब 50 बक्सों से यह काम शुरू करने में लगभग 3,00,000 की लागत आती है, जिस पर उद्यान विभाग 40% सब्सिडी प्रदान कर रहा है।

सरकार की यह मदद पालतू इटालियन नस्ल की मधुमक्खियों के लिए दी जाती है, जो आमतौर पर काटती नहीं हैं। ये मधुमक्खियां करीब 3 किलोमीटर के दायरे में घूमकर शहद इकट्ठा करती हैं और शाम होते ही अपने बॉक्स में लौट आती हैं।

50 बक्सों से 3 लाख तक की कमाई मुमकिन

उद्यान अधिकारी के मुताबिक, मधुमक्खी पालन का सही प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उद्यान विभाग तथा कृषि विज्ञान अनुशासन केंद्र, पिलखी से ली जा सकती है। इसके अलावा रतनपुरा में रखे गए मधुमक्खी बक्सों से भी व्यावहारिक जानकारी हासिल की जा सकती है।

नेशनल बी बोर्ड में पंजीकरण कराकर इसे एक संगठित व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है। 50 बक्सों के लिए 1 से 2 विस्वा भूमि की जरूरत होती है और इससे करीब 3,00,000 तक की कमाई की जा सकती है। बाग, खेत या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बक्से रखकर आसानी से इसे किया जा सकता है।

योजना का लाभ कैसे उठाएं

मधुमक्खी पालन शुरू करने के इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग से संपर्क करना होगा। विभाग से सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन लेकर किसान इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

मधुमक्खी पालन को आसान और लाभकारी व्यवसाय माना जाता है, क्योंकि शहद की मांग लगभग हर घर में बनी रहती है। कम लागत में अधिक शहद उत्पादन और बाजार में अच्छी कीमत मिलने से यह एक बेहतरीन कारोबार बन सकता है। ऐसे में यदि आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं तो उद्यान विभाग में पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि सरकारी अनुदान और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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