उपनाम: किसान आय
घर पर बनने वाली ये जैविक खाद बचाएगी सेहत और किसानों की जेब, बेचकर भी हो रही कमाई
सारण के किसान रणजीत सिंह कृषि विज्ञान केंद्र मांझी से प्रशिक्षण लेकर गोबर, गोमूत्र, मिट्टी, गुड़ और पानी से कम बजट में जैविक खाद तैयार करते हैं और दूसरे किसानों को निशुल्क सिखाते भी हैं।
घर में 6 दुधारू पशु हैं तो गोबर से हर महीने ₹20000 तक कमाई, किसान ने बताया पूरा गणित
मध्य प्रदेश के एक प्रगतिशील किसान के मुताबिक 6 दुधारू पशुओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर हर महीने 18 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है. कम लागत और जैविक खाद की बढ़ती मांग इस व्यवसाय को फायदेमंद बना रही है.
विज्ञापन विवाद में घिरा वेर्का: साढ़े तीन लाख किसानों और लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा बना है पहचान
मैंगो लस्सी के प्रचार वाली एक रील पर आपत्ति के बाद पंजाब के डेयरी ब्रांड वेर्का को वीडियो हटाना पड़ा, मगर इसकी असली ताकत मिल्कफेड के विशाल सहकारी नेटवर्क में छिपी है।
40 नहीं पूरे 200 रुपये किलो! पलामू में इस खास चावल ने बदल दी किसानों की किस्मत
झारखंड के पलामू जिले में किसान काला नमक किरण धान की खेती अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं, जिसका सुगंधित चावल बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।
उम्र के साथ बढ़ता है मोल! एक बार लगा दिया यह पेड़ तो कई पीढ़ियों की किस्मत बदल देगा, लाखों में बिकती है इसकी लकड़ी
उत्तराखंड के कुमाऊं में श्रीखंड नाम से पहचाने जाने वाले चंदन की बाजार में कीमत ₹100 से लेकर ₹32,500 प्रति किलो तक है, और अब हल्द्वानी व तराई-भावर के किसान इसकी व्यावसायिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं।
जून में लगाएं ये 4 फसलें, चार महीने में हो सकती है 4 लाख रुपये तक की कमाई, जानें एक्सपर्ट की राय
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार जून के महीने में चार खास फसलें लगाकर किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। एक एकड़ में महज 15 से 20 हजार रुपये की लागत पर चार महीने में 2 से 4 लाख रुपये तक की आमदनी संभव है।
जिसे पहले लोग पहचानते तक नहीं थे, उस कीवी की खेती से पहाड़ी किसान कमा रहीं लाखों, सीखने पहुंच रहे दूर-दूर के लोग
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कीवी की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा साधन बन रही है। शामा से शुरू हुई यह खेती अब कौसानी समेत कई इलाकों में फैल गई है और ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार दे रही है।
धान की सीधी बुवाई: न रोपाई की मेहनत, न पानी की बर्बादी, किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
खरीफ सीजन में किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपना रहे हैं, जिससे पानी, लागत और मजदूरी में बचत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले सही बीज दर और बीज उपचार से उत्पादन बढ़ता है।
भांग की नियंत्रित खेती से हिमाचल को कितनी कमाई की उम्मीद, क्या टलेगा आर्थिक संकट? समझें पूरा गणित
हिमाचल कैबिनेट ने एनडीपीएस नियमों में संशोधन को मंजूरी देकर चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्य से भांग की नियंत्रित खेती का रास्ता खोला है। शुरुआती चरण में राज्य को 500 से 1000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
यह फसल किसी ATM से कम नहीं! कम लागत में मोटी कमाई, जानें खेती का पूरा तरीका
जिमीकंद की खेती में कम खाद, कम दवा और कम देखरेख की जरूरत होती है, जिससे छोटे किसान भी कम निवेश में लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बरसात का मौसम इस फसल के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है।
मछली पालन से बदली तकदीर: एक हेक्टेयर के तालाब से लाखों कमा रहा मध्य प्रदेश का किसान
सीधी जिले के गोपालपुर गांव के विनय सिंह ने करीब एक हेक्टेयर जमीन पर तालाब बनाकर मछली पालन शुरू किया और अब उन्हें लाखों के मुनाफे की उम्मीद है।
मोरिंगा की 'PKM-1' किस्म किसानों के लिए साबित हो रही फायदेमंद, कम खर्च में बढ़िया आमदनी
सहजन की उन्नत किस्म पीकेएम-1 साल में दो बार फल देती है और इसकी खेती में न ज्यादा सिंचाई की जरूरत है और न ही अधिक उपजाऊ मिट्टी की। बिहार के कई जिलों के किसान इसे कम लागत में अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
मछली पालकों के लिए राहत भरी खबर, मछली बीज पर मिलेगा 50% तक अनुदान
बिलासपुर में मानसून के साथ मछली बीज उत्पादन शुरू होने जा रहा है और किसानों को रोहू, कतला तथा मृगल के बीज पर 50% तक अनुदान दिया जाएगा। जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह से अनुदानित दर पर बीज वितरण आरंभ होगा।
मंडी में औने-पौने दाम पर बिक रही भिंडी? अपनाएं ये 8 खास उपाय, मिलेगा सबसे ऊंचा भाव
भिंडी की तुड़ाई का सही समय और तरीका जानना जरूरी है, वरना फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों गिर जाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. हादी हुसैन खान बता रहे हैं ज्यादा कटिंग और बेहतर उत्पादन का सटीक फॉर्मूला।
Fish Farming: मछली पालन से समृद्ध हो रहे किसान, 90% अनुदान के साथ 2 लाख लागत पर 5 लाख की कमाई
दरभंगा में वैज्ञानिक विधि से मछली पालन को बढ़ावा देने की नई पहल किसानों की आमदनी बढ़ा रही है, जहां सरकार के 90% अनुदान के सहारे लगभग 2 लाख रुपये की लागत पर 5 लाख रुपये से अधिक की कमाई हो रही है।