उपनाम: झारखंड कृषि
झारखंड में सेब की खेती की नई उम्मीद, पलामू के चियांकी केंद्र में चल रहा है सफल परीक्षण
झारखंड के सुखाड़ प्रभावित जिले पलामू में पहली बार सेब की खेती पर वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुल सकते हैं।
पढ़ाई के बाद नौकरी को न कह पलामू के सोनू ने खेती से बनाई अपनी पहचान, सालाना कमा रहे ₹4 लाख
पलामू जिले के एक युवा ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पारंपरिक नौकरियों के पीछे भागने के बजाय आधुनिक तरीके से सब्जी की खेती को अपना करियर चुना है। आज वे अपनी मेहनत से सालाना चार लाख रुपये तक का मुनाफा कमाकर क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए मिसाल बन गए है...
झारखंड में स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, कम पानी में होगी बेहतर पैदावार
झारखंड के पलामू जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से 60 प्रतिशत पानी की बचत संभव है। सरकार इस आधुनिक कृषि यंत्र पर किसानों को 90 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है।
पलामू के पंडवा एफपीओ को 95% अनुदान पर मिली तेल मिल, सरसों का तेल निकालकर किसान खुद बेचेंगे, आमदनी होगी दोगुनी
पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को वेजफेड रांची के सहयोग से 95 प्रतिशत सरकारी अनुदान पर तेल मिल मिली है। अब 765 किसान सरसों की फसल से सीधे तेल निकालकर बाजार में बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने क...
यूट्यूब से सीखी मचान विधि, 5 हजार की लागत में 50 दिन बाद लाखों कमा रहे बोकारो के किसान मनोज
बोकारो के काशीझरिया गांव के किसान मनोज गोस्वामी ने मचान विधि से नेनुआ उगाकर महज 5,000 रुपये की लागत में 1.5 से 1.75 लाख रुपये की कमाई की है। उनकी सफलता देख अब आसपास के किसान भी उनसे इस तकनीक की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
500 रुपये की लागत और 2 लाख की कमाई, देवघर के किसान ने मिर्च की खेती से पलटी तकदीर
झारखंड के देवघर जिले के गोपीडीह गांव के किसान दुखन कापड़ी ने एक एकड़ जमीन में मिर्च उगाकर करीब दो लाख रुपये की कमाई की है। उनकी यह कामयाबी आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
रांची के कृषि मेले में हाइड्रोपोनिक खेती ने खींचा ध्यान, बिना मिट्टी की यह तकनीक किसानों के लिए साबित हो सकती है गेम चेंजर
रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित कृषि व्यापार मेले में बिना मिट्टी वाली हाइड्रोपोनिक खेती आकर्षण का केंद्र बनी रही। विशेषज्ञों के अनुसार 8 से 10 हजार रुपये की लागत में घर की छत, बालकनी या कमरे में सालभर ताजी सब्जियां उगाई जा सकती हैं।
बारिश में मक्के की फसल कैसे बचाएं? कृषि विशेषज्ञ ने सुझाया कारगर उपाय
मानसून के दौरान जलभराव से मक्के की फसल को बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने मेढ़ विधि अपनाने की सलाह दी है, जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है और जड़ों में सड़न का खतरा घटता है।
पलामू के किसान की मिसाल: पांच एकड़ में लगाया आम का बाग, अब सालाना लाखों की आमदनी
पलामू के सतबरवा प्रखंड के किसान विनोद कुमार ने मनरेगा योजना का लाभ लेकर पांच एकड़ में आम की बागवानी शुरू की और आज इससे सालाना करीब तीन लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे हैं।
जरबेरा फूल की खेती ने संवारी कोडरमा के किसान की तकदीर, हर महीने हो रही 30 हजार की कमाई
कोडरमा के डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता ने 10 हजार वर्ग फीट में ग्रीन नेट हाउस बनाकर जरबेरा फूल की खेती शुरू की और हर सप्ताह करीब 1500 फूलों के उत्पादन से लगभग 30 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रहे हैं।
Bhindi Farming: बोकारो के रंजन शर्मा की भिंडी से कमाई, 17 हजार की लागत में 45 दिनों में 80 हजार की आमदनी, बताया सफलता का राज
झारखंड के बोकारो जिले के भिस्की गांव के किसान रंजन शर्मा ने महज 50 डिसमिल जमीन पर भिंडी की खेती कर डेढ़ महीने में चार गुना से अधिक मुनाफा कमाया है। उनकी यह सफलता आसपास के किसानों के लिए मिसाल बन रही है।
40 नहीं पूरे 200 रुपये किलो! पलामू में इस खास चावल ने बदल दी किसानों की किस्मत
झारखंड के पलामू जिले में किसान काला नमक किरण धान की खेती अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं, जिसका सुगंधित चावल बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।
देवघर के किसान वकील यादव ने यूट्यूब से सीखी रंगीन मछली पालन की कला, अब हो रही अच्छी आमदनी
झारखंड के देवघर जिले के बदनबेरा गांव के किसान वकील यादव ने पारंपरिक मछली पालन से हटकर रंगीन मछलियों के पालन को अपनाया और आज इसी से बेहतर कमाई कर रहे हैं।
चेडाबार का 'चंदन बगान': प्राकृतिक आम से हर सीजन लाखों की कमाई, दिल्ली-भोपाल तक पहुंच रहा स्वाद
पलामू के चेडाबार गांव में 15 साल पहले लगाया गया 'चंदन बगान' रसायनमुक्त, प्राकृतिक रूप से पके आमों के लिए मशहूर है और किसान को हर सीजन में लाखों रुपये की आमदनी कराता है। यहां के आमों की मांग दिल्ली और भोपाल जैसे बड़े शहरों तक है।
आम टूटने के बाद खाली बागान बनेंगे कमाई का जरिया, 44 डिग्री में भी उगता है पैडी स्ट्रॉ मशरूम, 15 दिन में तैयार
रोहिणी नक्षत्र के साथ आम की फसल खत्म होते ही बागान खाली पड़ जाते हैं, लेकिन किसान इन्हीं बागानों में पैडी स्ट्रॉ मशरूम उगाकर लगातार कमाई कर सकते हैं, जो 44 डिग्री तापमान में भी महज 15 दिन में तैयार हो जाता है।