उपनाम: जल संरक्षण
ड्रिप सिंचाई तकनीक: कम पानी में बंपर पैदावार के साथ पाएं 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान
आधुनिक खेती में जल संकट से निपटने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई वरदान साबित हो रही है, जिससे न केवल पानी की बचत होती है बल्कि फसलों की पैदावार में भी काफी बढ़ोतरी होती है।
नैनीताल के किलबरी में छिपा है नयनादेवी जलकुंड: प्रकृति की गोद में बसा एक नया पर्यटन केंद्र
उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित किलबरी के घने जंगलों के बीच नयनादेवी जलकुंड पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जल संरक्षण के प्रयासों के लिए चर्चा में है।
छत्तीसगढ़ में 'मेरी बेटी-मेरा अभिमान' अभियान का आगाज़, 6671 स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए 696 करोड़ रुपये की बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें स्कूलों में शौचालय निर्माण और मनरेगा मजदूरी में वृद्धि शामिल है।
सावन के पावन मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को लिखा संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के अवसर पर उत्तर प्रदेश के निवासियों को पत्र लिखकर जल संरक्षण, पर्यावरण और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।
सीधी जिले की जल संरक्षण मुहिम बनी देश के लिए मिसाल, प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में की जमकर सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जल संरक्षण के लिए हुए उल्लेखनीय कार्यों की तारीफ की है। जिले में जनभागीदारी के जरिए बनाए गए 1500 नए तालाबों ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के...
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: जल संकट और पर्यटन पर विशेष फोकस
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने शासन के शुरुआती 100 दिनों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया है, जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है।
सिर्फ 2 हजार रुपये में सूखा बोरवेल हुआ रिचार्ज, छत्तीसगढ़ के किसान का यह देसी जुगाड़ बन रहा है मिसाल
छत्तीसगढ़ के एक युवा किसान ने बेहद कम लागत में वर्षा जल संचयन और बोरवेल रिचार्ज की तकनीक अपनाकर गिरते भूजल स्तर की समस्या का समाधान निकाला है। इस अनोखे और सस्ते प्रयोग से सूखे पड़े बोरवेल भी अब लंबे समय तक पानी दे रहे हैं।
खेती में पानी की समस्या का पक्का समाधान, किसानों के लिए वरदान बना हाइड्रोजेल
बदलते मानसून और घटते जल स्तर के बीच हाइड्रोजेल तकनीक किसानों को सूखे से निपटने में मदद कर रही है। यह मिट्टी में लंबे समय तक नमी बरकरार रखकर फसलों को पानी की कमी से बचाता है।
बाड़मेर की जीवनरेखा: थार के रेगिस्तान में रेत के नीचे छिपा है पानी का अनमोल खजाना
थार के तपते रेगिस्तान में बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में सदियों पुरानी 'बेरियां' आज भी लोगों और मवेशियों की प्यास बुझाने का मुख्य जरिया बनी हुई हैं।
थार रेगिस्तान में जीवन की उम्मीद बनीं 'बेरियां', जल संकट दूर करने के लिए शुरू हुआ खास अभियान
बाड़मेर जिले में थार की पारंपरिक जल संरचनाओं बेरियों को बचाने की मुहिम शुरू की गई है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों और वन्यजीवों को पानी मिल सके।
नागौर की ऐतिहासिक जल धरोहरों का होगा कायाकल्प, 10.23 करोड़ की लागत से संवरेंगे तालाब
नागौर के तीन प्रमुख ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने 10.23 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना से शहर की जल धरोहरों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
झारखंड में स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, कम पानी में होगी बेहतर पैदावार
झारखंड के पलामू जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से 60 प्रतिशत पानी की बचत संभव है। सरकार इस आधुनिक कृषि यंत्र पर किसानों को 90 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है।
थार के तपते रेगिस्तान में संजीवनी बनीं सदियों पुरानी बेरियां, जल संकट से निपटने के लिए शुरू हुई खास मुहिम
बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों में पारंपरिक जल स्रोतों यानी बेरियों को पुनर्जीवित करने का काम जोरों पर है, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों और वन्यजीवों को बड़ी राहत मिल रही है।
शिप्रा आरती बनी पर्यावरण का मंच, ढाई लाख श्रद्धालुओं ने ली नदी स्वच्छता की शपथ
उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा की संध्या आरती अब आस्था के साथ-साथ जल संरक्षण का प्रभावशाली अभियान बन चुकी है। 25 अप्रैल से शुरू इस मिशन में अब तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले चुके हैं।
एक फोन कॉल से खेती में फायदा! जानिए क्यों इस नई सिंचाई तकनीक के मुरीद हो रहे हैं किसान
शाहजहांपुर में उद्यान विभाग ने 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' माइक्रो इरीगेशन योजना के तहत ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए रिकॉर्ड लक्ष्य तय किए हैं, जिससे किसानों को भारी अनुदान और बेहतर पैदावार का लाभ मिलेगा।