छत्तीसगढ़ में 'मेरी बेटी-मेरा अभिमान' अभियान का आगाज़, 6671 स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए 696 करोड़ रुपये की बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें स्कूलों में शौचालय निर्माण और मनरेगा मजदूरी में वृद्धि शामिल है।

ग्रामीण छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं को विस्तार देने और बेटियों के सम्मान को प्राथमिकता देने के लिए एक नए राज्यव्यापी अभियान 'मेरी बेटी-मेरा अभिमान' की घोषणा की है। महानदी भवन में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान इस योजना का ऐलान किया गया। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होकर आगामी 26 जनवरी 2027 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। इस पूरी कवायद का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, जिसके लिए कुल 696 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

स्कूलों में बालिकाओं के लिए विशेष सुविधा

इस अभियान के अंतर्गत सबसे प्रमुख कार्य सरकारी स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 6671 सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए आधुनिक और सुरक्षित शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य के लिए 286.85 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। सरकार ने प्रति शौचालय निर्माण के लिए 4.30 लाख रुपये की लागत निर्धारित की है, ताकि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित हो सके।

प्रतीक्षालय और मुक्तिधाम का होगा कायाकल्प

बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 6524 गांवों में प्रतीक्षालयों के साथ-साथ मुक्तिधामों के निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ये सभी निर्माण कार्य ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहमति और अनुमोदन के बाद ही आरंभ किए जाएंगे। सरकार का ध्येय केवल कंक्रीट के ढांचे खड़ा करना नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता को एक जीवनशैली बनाना और जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना भी है।

मनरेगा मजदूरी और रोजगार के अवसर

प्रदेश के श्रमिक वर्ग के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत राज्य को चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार से लगभग 6855 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इस मद में पहली किश्त के रूप में 1538 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अलावा, राज्य में मनरेगा के तहत मिलने वाली दैनिक मजदूरी की दर में संशोधन करते हुए इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

जल संरक्षण की अनूठी पहल

राज्य के भूजल स्तर में सुधार करने और भविष्य में जल संकट को टालने के उद्देश्य से सरकार ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत राज्य भर में बंद पड़े 10,027 बोरवेलों को रिचार्ज करने का काम किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 52.14 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इन बोरवेलों के पास सैंड फिल्टर और रिचार्ज पिट जैसी संरचनाएं बनाई जाएंगी, ताकि वर्षा के जल को संरक्षित कर भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि इन सभी विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को इनका लाभ जल्द मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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