शिप्रा आरती बनी पर्यावरण का मंच, ढाई लाख श्रद्धालुओं ने ली नदी स्वच्छता की शपथ मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 5
उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा की संध्या आरती अब आस्था के साथ-साथ जल संरक्षण का प्रभावशाली अभियान बन चुकी है। 25 अप्रैल से शुरू इस मिशन में अब तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले चुके हैं।

रामघाट की आरती बनी संकल्प का केंद्र

उज्जैन की पावन धरती पर शिप्रा नदी के तट पर होने वाली संध्या आरती अब केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रही, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की एक सशक्त मुहिम में भी तब्दील हो गई है। रामघाट पर प्रतिदिन आयोजित मां शिप्रा की इस आरती में श्रद्धालुओं को नदियों और जलाशयों को प्रदूषणमुक्त रखने का संकल्प कराया जा रहा है।

श्री क्षेत्र पंडा समिति की अगुवाई में चला अभियान

यह पहल श्री क्षेत्र पंडा समिति ने 25 अप्रैल से शुरू की थी। तीर्थ पुरोहित राजेश त्रिवेदी के अनुसार, आरती के समय भक्तों से प्रण कराया जाता है कि वे नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में कचरा, पूजा सामग्री या किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नहीं डालेंगे और इन्हें निर्मल बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देंगे।

ढाई लाख से अधिक लोग जुड़े इस संकल्प से

पंडा समिति के मुताबिक अभियान की शुरुआत से अब तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु यह संकल्प ले चुके हैं। प्रतिदिन 10 से 20 हजार भक्त संध्या आरती में सम्मिलित होते हैं, जिनमें से 4 से 8 हजार लोग स्वच्छ नदी का संकल्प लेते हैं। इस जागरूकता का सकारात्मक प्रभाव भी दिखने लगा है — रामघाट पर दीपदान और पूजन सामग्री को नदी में प्रवाहित करने की प्रवृत्ति में स्पष्ट कमी देखी जा रही है।

भक्तों ने की इस पहल की सराहना

इस अभियान को श्रद्धालुओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उनका मानना है कि धार्मिक सामग्री को नदियों में विसर्जित करने की जगह उसका सम्मानजनक वैकल्पिक निपटान किया जाना चाहिए। पुणे से आई एक भक्त ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि आरती के दौरान यहां सच में एक विशेष शक्ति का अनुभव हुआ और उन्हें यह बात हृदय से समझ आई कि नदी हमारी माँ के समान है, इसे हमें दूषित नहीं करना चाहिए, बल्कि साफ-सुथरा रखना है।

एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि पहले केवल गंगा आरती के बारे में सुना था, किंतु आज शिप्रा की आरती देखकर मन बेहद सकारात्मक हो गया। उन्होंने कहा कि हमें शपथ दिलाई गई है कि न केवल हम स्वयं नदी को गंदा न करें, बल्कि जो कोई ऐसा करे उसे भी रोकें।

देशभर के तीर्थ स्थलों तक पहुँचाने की तैयारी

आस्था और पर्यावरण चेतना का यह अनूठा संगम अब उज्जैन की सीमाओं से आगे बढ़कर देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुँचाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे नदियों की स्वच्छता एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सके।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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