बदलती जीवनशैली के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। योग और खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव करके आप न केवल अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि फिटनेस भी हासिल कर सकते हैं।
शरीर में रहने वाली अंदरूनी सूजन यानी इंफ्लामेशन कई गंभीर बीमारियों की जड़ हो सकती है। अगर आप भी अक्सर थकान या जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं, तो अपनी डाइट में मौजूद इन 8 हानिकारक इंग्रीडिएंट्स पर गौर करना बेहद जरूरी है।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव से घिरे रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी खाने-पीने की कुछ गलत आदतें इसे और बढ़ा सकती हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने उन 3 प्रमुख आदतों के बारे में बताया है जो शरीर के तनाव हार्मोन यानी कोर्...
गर्मी के मौसम में आम खाने के बाद छिलकों को कचरे में डालने के बजाय उनका उपयोग पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए करें। इससे न केवल पौधों को पोषण मिलता है, बल्कि रासायनिक खाद पर खर्च भी बचता है।
एलोवेरा का पौधा घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी उपयोगी है। गर्मियों में इसे आसानी से लगाने और देखभाल करने के लिए इन खास तरीकों को अपनाएं।
डायबिटीज के मरीजों में सुबह खाली पेट ब्लड शुगर बढ़ने के पीछे डॉन फेनोमेनन नाम की प्रक्रिया जिम्मेदार होती है, जिसे सही जीवनशैली से नियंत्रित किया जा सकता है।
भीषण गर्मी के दौरान अक्सर लोगों का पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार अपनी जीवनशैली में बदलाव कर आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।
मलाइका अरोड़ा अपनी जबरदस्त फिटनेस और टोन्ड फिगर के लिए जानी जाती हैं। जानें वे कौन से तीन योगाभ्यास हैं जो उनकी डेली रूटीन का हिस्सा हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक वैज्ञानिक समीक्षा के बाद 16 फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
खाना खाने के बाद पेट फूलना सिर्फ गैस की वजह से नहीं होता, बल्कि धीमा पाचन और मांसपेशियों के कसने जैसी कई वजहें इसके पीछे होती हैं। जानिए कुछ असरदार देसी नुस्खे जो गैस और ब्लोटिंग से तुरंत आराम दिला सकते हैं।
बिना उबाले या ठीक से धोए चुकंदर, आंवला और पालक जैसी कच्ची सब्जियां खाने से जलन, पित्त और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जानिए इन्हें सुरक्षित तरीके से खाने का सही तरीका।
भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आगाह किया है कि पेपर कप में गरम चाय या कॉफी पीने से शरीर में माइक्रोप्लास्टिक पहुंचता है, जो कैंसर तक का कारण बन सकता है। आईआईटी खड़गपुर की रिसर्च भी इसी ओर इशारा करती है।
बरसात के मौसम में फ्लू, नाक बहना और गले की खराश आम बात है। अदरक, काली मिर्च और तुलसी से बनी ब्लैक टी दिन में दो बार पीने से इन परेशानियों में राहत मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
महंगे सप्लीमेंट्स की जगह रोजाना की थाली में मौजूद कुछ फल, सब्जियां, दालें और बीज शरीर की प्रोटीन की जरूरत आसानी से पूरी कर सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक मटर, अमरूद और उड़द की दाल जैसे विकल्प शाकाहारी लोगों के लिए बेहतरीन हैं।
एक सामान्य व्यक्ति को हर दिन लगभग 80 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। सही खानपान अपनाकर नाश्ते से लेकर लंच और डिनर तक यह जरूरत आसानी से पूरी की जा सकती है।
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