स्वास्थ्य
एक घंटा पहले
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बरसात आते ही फ्लू, यानी सर्दी-जुकाम और गला खराब होने की दिक्कतें तेजी से बढ़ने लगती हैं। नाक बहना, छींक आना और गले में खराश से बच्चे से लेकर बड़े तक सभी परेशान रहते हैं। इस मौसम में अगर बारिश में भीग जाएं तो तुरंत तबीयत बिगड़ सकती है, इसलिए खान-पान का खास ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपको बार-बार ठंड लग रही है, जल्दी संक्रमण पकड़ लेता है या गले में लगातार खराश बनी रहती है, तो इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए एक मसालेदार चाय बेहद कारगर साबित होती है। दिन में सिर्फ दो बार यह चाय पीने भर से गले को राहत मिलती है और खांसी-जुकाम में भी फायदा होता है।
सर्दी-जुकाम और गले की खराश में कैसी चाय पिएं
इस मौसम में दूध वाली चाय के बजाय ब्लैक टी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इसे बनाने के लिए एक पैन में 1 बड़ा कप पानी डालें। जब पानी में उबाल आ जाए तो हल्की-सी चाय पत्ती डाल दें। अगर लूज यानी ताजी पत्तियों वाली चाय इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह सबसे अच्छी रहती है, लेकिन उसे सबसे आखिर में डाला जाता है। अब पानी में थोड़ा अदरक, कूटी हुई काली मिर्च और तुलसी के कुछ पत्ते मिला दें। सारी चीजों को अच्छी तरह उबलने दें, फिर गैस बंद करके चाय को ढककर रख दें।
इसके बाद चाय को किसी कप में छानकर निकाल लें। स्वाद के लिए ऊपर से थोड़ा शहद या गुड़ मिलाया जा सकता है। इस तरह तैयार चाय को दिन में दो बार पीने से सर्दी-जुकाम में काफी आराम मिलता है। अगर आपको काली मिर्च का स्वाद पसंद नहीं है, तो उसकी जगह थोड़ा-सा दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं। इससे भी गले को तुरंत राहत मिलती है।
अदरक, काली मिर्च और तुलसी के फायदे
अदरक और काली मिर्च को जुकाम के लिए बेहद असरदार माना जाता है। दादी-नानी के पुराने नुस्खों में सर्दी होने पर अदरक के साथ शहद चटाने की सलाह दी जाती रही है। वहीं तुलसी के पत्ते खांसी में राहत पहुंचाते हैं। यह चाय पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह चाय शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद करती है। बारिश में भीगने के बाद घर लौटते ही अगर यह चाय बनाकर पी लें, तो सर्दी-जुकाम की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
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