स्वास्थ्य
2 घंटे पहले
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सलाद को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ सब्जियों को कच्चा और बिना पूरी सावधानी के खाना नुकसानदेह साबित हो सकता है। अगर आप सलाद में चुकंदर के कई स्लाइस, आंवला या पालक जैसी चीजें बिना उबाले खा रहे हैं तो इससे एलर्जी की आशंका बढ़ जाती है। खासकर चुकंदर को अगर अच्छी तरह साफ किए बिना और थोड़ी ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो शरीर में प्रतिक्रिया हो सकती है, जिसमें जीभ और गले में जलन, पित्त बनने जैसी एलर्जी और अपच शामिल हैं।
चुकंदर से एलर्जी क्यों होती है
दरअसल चुकंदर में बीटा वल्गारिस (Beta vulgaris) नाम का एक प्रोटीन पाया जाता है, जिसकी वजह से शरीर में कभी-कभी पित्त एलर्जी हो सकती है, जिसे अंग्रेजी में Hives कहा जाता है। अगर चुकंदर को बहुत अच्छी तरह न धोया जाए तो इसे खाने पर मुंह और जीभ छिलने जैसी परेशानी भी सामने आ सकती है।
चुकंदर खाने का सही तरीका
अगर आप कच्ची चुकंदर खाना चाहते हैं तो एक मीडियम साइज की चुकंदर का एक चौथाई हिस्सा यानी 3-4 स्लाइस से ज्यादा न खाएं। खाने से पहले चुकंदर को नमक और बेकिंग सोडा वाले पानी में अच्छी तरह धो लें। दूसरा बेहतर तरीका यह है कि चुकंदर को हल्का उबाल लिया जाए, क्योंकि इससे इसमें मौजूद प्रोटीन बीटा वल्गारिस का असर कम हो जाता है, जबकि इसके पोषक तत्व बने रहते हैं। इसके बाद ही चुकंदर का सेवन करें।
कच्ची सब्जियों से होने वाली परेशानी
इसी तरह 1-2 कच्चे आंवला खाने से भी मुंह और जीभ फटने जैसी समस्या हो सकती है। गर्मियों में लौकी, तोरई और खीरा-ककड़ी का खूब सीजन रहता है, लेकिन यहां सावधानी जरूरी है। अगर खीरा या ककड़ी खाने में कड़वी लगे तो उसे न खाएं। साथ ही लौकी या तोरई काटते समय एक-दो टुकड़े जरूर चखें और अगर वे कड़वी लगें तो उनकी सब्जी न बनाएं। लौकी का जूस बनाते समय तो यह और भी जरूरी हो जाता है कि उसे काटकर पहले जांच लिया जाए और लौकी कड़वी न हो, तभी उसका जूस निकाला जाए। असल में कड़वी लौकी या तोरई में कुकरबिटासिन (cucurbitacin) नाम का एक टॉक्सिन पाया जाता है, जो शरीर के लिए खतरनाक होता है। इस टॉक्सिन को जहरीला माना जाता है और ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर यह काफी परेशानी पैदा कर सकता है।
पत्तेदार सब्जियों को कच्चा न खाएं
चौलाई और पालक जैसी सब्जियों में कई तरह के कीड़े होने की आशंका रहती है, इसलिए इन्हें पहले नमक और बेकिंग सोडा वाले पानी में अच्छी तरह धोएं, फिर ठीक से उबालें और उसके बाद ही इनका सेवन करें। ज्यादा छेद वाली चौलाई, पालक या पत्तेदार सब्जियां खरीदने से बचें, क्योंकि इन पर कई तरह के कीटों का हमला होता है, जिससे पत्तों में छेद हो जाते हैं।
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