जीवनशैली
4 दिन पहले
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विचारों
शहरों की ओर बढ़ते रुझान के बीच अब लोग अपने घर में ही ताजी और रसायनमुक्त सब्जियां उगाने की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। सीमित जगह होने के बावजूद गमलों में सब्जियों की खेती कर परिवार की रोजमर्रा की जरूरत पूरी की जा सकती है। यदि उचित देखभाल और संतुलित पोषण का ध्यान रखा जाए, तो गमले में भी बेहतर गुणवत्ता वाली सब्जियां सहजता से तैयार हो जाती हैं।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिलीप पांडे ने बताया कि गमलों में टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, लौकी, नेनुआ, करेला समेत अन्य लत्तर वर्गीय सब्जियों की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।
गमले रखने के लिए सही दिशा का चुनाव
उन्होंने बताया कि इस गर्मी के मौसम में पूर्व और उत्तर दिशा की दीवारों के पास गमले रखना अधिक उपयुक्त माना जाता है। इन जगहों पर सीधी धूप अपेक्षाकृत कम पड़ती है और गर्म हवाओं का असर भी सीमित रहता है, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर होती है।
वहीं दक्षिण और पश्चिम दिशा की दीवारों के पास गमले रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इन दिशाओं में तेज धूप और गर्म हवा का प्रभाव अधिक होता है और इससे पौधों को नुकसान पहुंच सकता है।
खेती से पहले मिट्टी तैयार करना जरूरी
डॉ. पांडे के अनुसार, गमले में खेती शुरू करने से पहले मिट्टी को अच्छी तरह तैयार करना आवश्यक है। मिट्टी भरते समय एक मुट्ठी डीएपी, थोड़ी मात्रा में यूरिया और पोटाश मिलाने के साथ तीन से चार मुट्ठी वर्मी कम्पोस्ट डालना लाभदायक रहता है। इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और उनकी बढ़वार तेजी से होती है।
बीज की बुआई के बाद नियमित सिंचाई और उचित देखरेख करने पर पौधे स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन भी अच्छा मिलता है।
तेज धूप से बचाव और फल आने का समय
उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए नेट शेड का उपयोग किया जा सकता है। इससे पौधों को अनुकूल वातावरण मिलता है और उनकी वृद्धि प्रभावित नहीं होती। गमले में उगाई गई अधिकांश सब्जियों में 40 से 50 दिनों के भीतर फूल और फल आने शुरू हो जाते हैं। यही वजह है कि कम जगह में भी लोग आसानी से ताजी सब्जियां पैदा कर सकते हैं।
रोग और कीट से बचाव
विशेषज्ञ ने बताया कि यदि पौधों में किसी प्रकार का रोग या कीट दिखाई दे, तो शुरुआती अवस्था में ही उसे हाथों से हटाया जा सकता है। समय पर निगरानी रखने से रासायनिक दवाओं की जरूरत भी कम पड़ती है। इस तरह थोड़ी मेहनत और सही तकनीक अपनाकर घर की छत, आंगन या बालकनी में गमलों के जरिए पौष्टिक एवं ताजी सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है।
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