घर के तानों से मिली प्रेरणा, लाह आर्ट के जरिए रश्मि ने बनाई अपनी अलग पहचान व्यापार एक घंटा पहले 2
रांची की रश्मि ने लोगों की बातों को नजरअंदाज कर लाह से कलाकृतियां बनाने का हुनर सीखा और आज वह अपनी मेहनत से हर महीने 50,000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं।

संघर्ष से सफलता की नई कहानी

झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली रश्मि ने साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। एक समय था जब रश्मि को अपने घर में कई बार ताने सुनने को मिलते थे। उनसे पूछा जाता था कि आखिर वह दिन भर घर पर करती ही क्या हैं। इन नकारात्मक बातों ने उन्हें निराश करने के बजाय कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। रश्मि ने हार नहीं मानी और इंटरनेट की दुनिया का सहारा लेते हुए यूट्यूब के माध्यम से लाह आर्ट की बारीकियां सीखीं। आज वही रश्मि अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और समाज में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

लाह आर्ट और हुनर का जादू

रश्मि अपने हाथों से लाह का इस्तेमाल कर बेहद आकर्षक पेंटिंग तैयार करती हैं। उनके काम में कप, प्लेट, स्टैंड और डिजाइनर ट्रे शामिल हैं, जो घरों की सजावट में चार चांद लगा देते हैं। उन्होंने बताया कि अब न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। रश्मि के मुताबिक, अपने पैरों पर खड़े होने का जो सुकून है, वह शब्दों में बयां करना मुश्किल है। वर्तमान में रश्मि का काम इतना बढ़ गया है कि उन्हें रोजाना बड़ी संख्या में ऑर्डर मिलते हैं और उनके पास फुर्सत का समय भी नहीं होता।

कमाई और कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स का क्रेज

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए रश्मि ने बताया कि वह महीने में आसानी से 50,000 रुपये तक की कमाई कर लेती हैं। उनके काम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे खुद एक दिन में 4 से 5 बेहतरीन कृतियां तैयार कर लेती हैं। ग्राहकों के बीच कस्टमाइज्ड उत्पादों की भारी मांग है। लोग अपनी पसंद के अनुसार डिजाइन तैयार करवाते हैं। रश्मि के पास राधा कृष्ण की बेहद खूबसूरत 3D पेंटिंग भी उपलब्ध है, जिसे लाह की प्लेटों पर बड़े ही बारीकी से उकेरा गया है। देखने में ऐसा लगता है मानो यह किसी कांच के गिलास पर बनी उत्कृष्ट कलाकृति हो।

उत्पादन और निर्माण की अनूठी प्रक्रिया

इस कला के बारे में विस्तार से बताते हुए रश्मि ने कहा कि निर्माण प्रक्रिया में विभिन्न रंगों का एक खास संयोजन इस्तेमाल किया जाता है। पेंटिंग पूरी करने के बाद इसे धूप में सुखाया जाता है। चमक लाने के लिए वे ग्लिटर और अन्य सजावटी चीजों का भी उपयोग करती हैं, जिससे उत्पाद और भी शानदार दिखने लगता है। वे कप रखने वाली प्लेटों, बड़ी और छोटी ट्रे के अलावा दीवार पर टांगने वाली हैंगिंग प्लेट्स भी बनाती हैं। इसके अलावा, उपहार देने के लिए प्लेट पर विशेष संदेश लिखने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसे लोग अपने प्रियजनों को भेंट करना काफी पसंद कर रहे हैं।

देशभर में फैला रश्मि का कारोबार

रांची पूरे भारत में लाह के सबसे बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है, जिसका लाभ रश्मि को भी मिलता है। उन्हें स्थानीय गांवों से कच्चा माल काफी किफायती दरों पर मिल जाता है। लाह की खास बात यह है कि यह किसी भी वस्तु को एक समृद्ध और ब्रांडेड लुक देता है। उनके उत्पादों की कीमत 300 रुपये से शुरू होकर 5000 रुपये तक जाती है। रश्मि के ग्राहक अब केवल रांची तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बंगाल, चेन्नई, दिल्ली और पटना जैसे बड़े शहरों तक फैले हुए हैं। रश्मि की मेहनत और बढ़ते काम का नतीजा यह है कि अब उनके साथ 2 अन्य लोग भी रोजगार पा रहे हैं और उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप