उपनाम: महिला उद्यमी
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
रांची की दो बहनों ने फैशन जगत में गाड़े झंडे: बुटीक के मुनाफे से बदल रहीं हजारों जरूरतमंदों की जिंदगी
रांची की रहने वाली दो बहनें, पर्सी और अंचल, अपने अनोखे फैशन कलेक्शन के जरिए पूरे भारत में मशहूर हो गई हैं। वे अपने बिजनेस से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा हेल्पज फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा और समाज सेवा में खर्च कर रही हैं।
सफलता की कहानी: घर-घर कपड़े बेचने वाली नेहा का 2 करोड़ का कारोबार, जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम
रांची की रहने वाली नेहा ने छोटे स्तर से शुरुआत कर आज एक बड़ी पहचान बनाई है। नेहा क्रिएशन के जरिए वह न केवल अपना व्यापार फैला रही हैं, बल्कि 70 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
नौकरी छोड़ शुरू किया खुद का काम: जमशेदपुर की मोनिका का अनोखा हेल्दी फूड स्टार्टअप, महज 1 घंटे में बिक जाता है सारा सामान
जमशेदपुर की 25 वर्षीय मोनिका ने भारी दबाव वाली इंश्योरेंस कंपनी की नौकरी छोड़कर अपना खुद का हेल्दी फूड स्टार्टअप शुरू किया है, जहां उनका सारा सामान रोजाना सुबह सिर्फ एक घंटे में बिक जाता है।
छत्तीसगढ़ की सोनी साहू ने मौसमी फल को बनाया कमाई का जरिया, बरसात में सीताफल स्टोर कर गर्मियों में आइसक्रीम से कर रहीं बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के टेकापार गांव की सोनी साहू ने सीताफल से आइसक्रीम बनाने का अनोखा गृह उद्योग शुरू किया है। बरसात में सीताफल का पल्प सुरक्षित रखकर वे गर्मियों में स्वादिष्ट आइसक्रीम बेचती हैं और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।
बीकानेर की सास-बहू ने पेश की मिसाल, रसोई से शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर
बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कोरोना काल में शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज शहर में गुजराती व्यंजनों की खास पसंद बन गया है।
आगरा की बेटी का कमाल: 250 वर्ग फुट की दुकान से खड़ा किया 180 आउटलेट्स का विशाल साम्राज्य
आगरा की रहने वाली नीलम सिंह ने अपनी बचत से 'द बर्गर कंपनी' की शुरुआत की और आज बिना किसी बाहरी फंडिंग के इसे 180 से अधिक स्टोर्स तक पहुँचा दिया है।
बीकानेर की बेटी सरिता धायल की कामयाबी की कहानी: MSc करने के बाद शुरू किया कृषि स्टार्टअप, कमा रही हैं करोड़ों
बीकानेर के बज्जू की रहने वाली सरिता धायल ने उच्च शिक्षा के बाद खेती से जुड़े व्यवसाय में कदम रखा और आज किसानों के लिए एक बड़ी मददगार साबित हो रही हैं।
दंतेवाड़ा की रानी साहू की सफलता: महज ₹2000 से शुरू किया हर्बल साबुन का काम, अब बन गई हैं आत्मनिर्भर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की रहने वाली रानी साहू ने छोटे से निवेश से अपना हर्बल बिजनेस खड़ा किया है, जो आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
केमिकल साइंस में एमटेक के बाद मेरठ की ज्योति ने खड़ा किया अपना स्टार्टअप, बना रहीं 40 तरह के उत्पाद, सालाना करोड़ों का कारोबार
मेरठ की ज्योति ने अपने बेटे के लिए घर में पौष्टिक चीजें बनाते-बनाते वर्ष 2022 में स्टार्टअप शुरू किया और आज वह करीब 40 तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग पूरे देश से आ रही है।
खंडवा के खेड़ी गांव में सहजन ने बदली तस्वीर, महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की 25 से अधिक महिलाओं ने सहजन (मोरिंगा) की खेती को सफल ग्रामीण उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
यूट्यूब से सीखा हुनर और पति का साथ, उमरा ने घर से शुरू किया हेयर एक्सेसरीज का कारोबार, हो रही अच्छी कमाई
बहराइच के नाजिरपुरा की रहने वाली उमरा ने मोबाइल पर वीडियो देखकर हेयर बैंड, क्लेचर और टियारा बनाना सीखा और घर बैठे अपना कारोबार खड़ा कर लिया। इंस्टाग्राम और बाजार दोनों जगह बिक्री से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है।
हुनर से बनी पहचान: आदिवासी गृहिणी मोनिका हर महीने कमा रहीं 30 हजार, सिर्फ 50 रुपये से शुरू होते हैं फूल
बोकारो की रहने वालीं आदिवासी गृहिणी मोनिका लकड़ा पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से सजावटी सामान बनाकर हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। उनके स्टॉल पर 50 रुपये में फूल और 300 रुपये से बुके उपलब्ध हैं।
दादी-नानी की रेसिपी से उपजा सपना, अब फल-फूल रहा है कारोबार
रांची की 55 वर्षीय पूनम देवी ने पारंपरिक पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार बनाने को व्यवसाय का रूप दिया, जिनके उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।
गोंडा की आठवीं पास पूजा घर बैठे बनाती हैं दर्जनों किस्म के अचार, 6 महिलाओं को रोजगार देकर कर रहीं बढ़िया कमाई
गोंडा के पंडरी कृपाल विकासखंड की पूजा ने महज आठवीं तक पढ़ाई के बाद घर से अचार बनाने का काम शुरू किया, जो आज 15 से 20 तरह के अचार के कारोबार में बदल चुका है और इससे 5 से 6 महिलाओं को रोजगार भी मिला है।