उपनाम: महिला उद्यमी
सफलता की मिसाल: 64 साल की लक्ष्मी हर 3 महीने में बदल देती हैं अपना बिजनेस, हर महीने कमाती हैं 50,000 रुपये
रांची की 64 वर्षीय लक्ष्मी अपने अनोखे बिजनेस मॉडल से न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी हुनर सिखाकर स्वावलंबी बना रही हैं।
सफलता की कहानी: अलवर की अपूर्वा ने घर बैठे खड़ा किया लड्डू गोपाल के श्रृंगार का कारोबार, अब देशभर से आ रहे ऑर्डर
अलवर की अपूर्वा ने घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अपने हुनर से लड्डू गोपाल के सुंदर सिंघासन और सजावटी सामान बनाने का सफल व्यवसाय शुरू किया है, जिससे वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।
गोरखपुर की आराधना सामत ने घर से शुरू किया जूट का कारोबार, प्रशासनिक अधिकारियों को भा रहे हैं उत्पाद, हर महीने हो रही 50 हजार रुपये तक की कमाई
गोरखपुर की रहने वाली आराधना सामत ने घर की जिम्मेदारियों को संभालते हुए जूट के आकर्षक उत्पाद बनाने का काम शुरू किया, जिससे वे हर महीने शानदार आमदनी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
घर के तानों से मिली प्रेरणा, लाह आर्ट के जरिए रश्मि ने बनाई अपनी अलग पहचान
रांची की रश्मि ने लोगों की बातों को नजरअंदाज कर लाह से कलाकृतियां बनाने का हुनर सीखा और आज वह अपनी मेहनत से हर महीने 50,000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
रांची की ईशा की सफलता की कहानी: कोविड के दौरान शुरू किया मसाला और इंस्टेंट मिक्स का काम, अब दे रही हैं 15 लोगों को रोजगार
रांची की ईशा ने कोविड काल में घर से मसालों और इंस्टेंट मिक्स का कारोबार शुरू किया था, जो आज एक सफल ब्रांड बन चुका है। अपनी मेहनत और शुद्धता के दम पर उन्होंने न केवल एक हजार से ज्यादा स्थायी ग्राहक बनाए हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन...
रांची: प्रीति ने साड़ी कारोबार में रचा इतिहास, मात्र 350 रुपये से शुरू है कलेक्शन
रांची की रहने वाली प्रीति ने साड़ी के व्यवसाय में एक मिसाल कायम की है, जहां वे बेहद किफायती दामों पर साड़ियां उपलब्ध कराकर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।
देहरादून की काजल सैनी की सफलता की कहानी, शादी के बाद शौक बना कमाई का जरिया
देहरादून निवासी काजल सैनी ने शादी और गृहस्थी की जिम्मेदारियां निभाने के बाद अपने बचपन के शौक लिप्पन आर्ट को व्यवसाय में बदला है। आज वह हस्तकला के जरिए घर बैठे आत्मनिर्भर बनी हैं।
रांची की नर्मदा का कमाल: नमकीन के बिजनेस से खड़ा किया 20 लाख का साम्राज्य, 90 तरह की वैरायटी से देशभर में है पहचान
झारखंड की राजधानी रांची की 62 वर्षीय नर्मदा आज एक सफल उद्यमी हैं, जो अपने ब्रांड 'रियान' के जरिए 90 तरह की नमकीन और 20 प्रकार के पापड़ बनाकर देश के 10 से ज्यादा राज्यों में सप्लाई कर रही हैं।
50 रुपये के आलू पराठे ने बदली तकदीर, सिर्फ 5 घंटे के स्टार्टअप से लाखों का कारोबार कर रही हैं रायपुर की सपना
रायपुर में सपना गुप्ता का पराठा जंक्शन एक सफल स्टार्टअप बनकर उभरा है, जहां सुबह के 5 घंटों में ही सैकड़ों लोग नाश्ते का आनंद लेने पहुंचते हैं।
जमशेदपुर की मुस्कान और स्मिता ने छोड़ी नौकरी, सड़क किनारे 'कपड़ा क्वीन' स्टार्टअप से बदली किस्मत
जमशेदपुर की दो युवा महिलाओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद सड़क किनारे कपड़े का स्टार्टअप शुरू किया और आज कम कीमत में ट्रेंडी फैशन बेचकर अपनी अलग पहचान बना ली है।
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
रांची की दो बहनों ने फैशन जगत में गाड़े झंडे: बुटीक के मुनाफे से बदल रहीं हजारों जरूरतमंदों की जिंदगी
रांची की रहने वाली दो बहनें, पर्सी और अंचल, अपने अनोखे फैशन कलेक्शन के जरिए पूरे भारत में मशहूर हो गई हैं। वे अपने बिजनेस से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा हेल्पज फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा और समाज सेवा में खर्च कर रही हैं।
सफलता की कहानी: घर-घर कपड़े बेचने वाली नेहा का 2 करोड़ का कारोबार, जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम
रांची की रहने वाली नेहा ने छोटे स्तर से शुरुआत कर आज एक बड़ी पहचान बनाई है। नेहा क्रिएशन के जरिए वह न केवल अपना व्यापार फैला रही हैं, बल्कि 70 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
नौकरी छोड़ शुरू किया खुद का काम: जमशेदपुर की मोनिका का अनोखा हेल्दी फूड स्टार्टअप, महज 1 घंटे में बिक जाता है सारा सामान
जमशेदपुर की 25 वर्षीय मोनिका ने भारी दबाव वाली इंश्योरेंस कंपनी की नौकरी छोड़कर अपना खुद का हेल्दी फूड स्टार्टअप शुरू किया है, जहां उनका सारा सामान रोजाना सुबह सिर्फ एक घंटे में बिक जाता है।
छत्तीसगढ़ की सोनी साहू ने मौसमी फल को बनाया कमाई का जरिया, बरसात में सीताफल स्टोर कर गर्मियों में आइसक्रीम से कर रहीं बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के टेकापार गांव की सोनी साहू ने सीताफल से आइसक्रीम बनाने का अनोखा गृह उद्योग शुरू किया है। बरसात में सीताफल का पल्प सुरक्षित रखकर वे गर्मियों में स्वादिष्ट आइसक्रीम बेचती हैं और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।