उपनाम: रांची
रांची के बिरसा जैविक उद्यान में पहली बार हुआ कमाल, आर्टिफिशियल इंक्यूबेशन से नाग के 5 बच्चों ने लिया जन्म
झारखंड की राजधानी रांची स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है, जहाँ पहली बार वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग करके नाग के अंडों से सफल हैचिंग की गई है।
रांची में बनेगा फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, युवाओं को मिलेगी एक्टिंग और फिल्म मेकिंग की वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग
झारखंड की राजधानी रांची में पुणे और कोलकाता की तर्ज पर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां युवाओं को एक्टिंग, स्क्रीन राइटिंग और फिल्म निर्माण का पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा।
रांची में जमीन या फ्लैट खरीदने का है प्लान, तो जान लें रजिस्ट्री से जुड़ा सरकार का ये नया फरमान
झारखंड सरकार ने राज्य के सभी शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब खरीदारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज का भुगतान करना होगा।
रांची के किसान श्याम की अनोखी गारंटी, 1 एकड़ खेत से 3 टन बैंगन की बंपर पैदावार और एक भी फल नहीं सड़ेगा
झारखंड की राजधानी रांची के प्रगतिशील किसान श्याम ने बैंगन की खेती का एक ऐसा सफल फार्मूला ईजाद किया है, जिससे बंपर पैदावार के साथ फसल की बर्बादी भी शून्य हो जाती है। उनकी जैविक तकनीक से तैयार बैंगन न केवल गुणवत्ता में बेहतर हैं, बल्कि एक भी फल सड़ने की समस्...
रांची का दशम जलप्रपात और एक अधूरी प्रेम कहानी
रांची के प्रसिद्ध दशम वॉटरफॉल का इतिहास केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रेमी जोड़े की दुखद और भावुक प्रेम कहानी से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
IIT मुंबई की छात्रा ने खोला सफलता का राज, रांची की तमन्ना ने बताया कैसे क्रैक किया JEE
झारखंड के रांची की रहने वाली आईआईटी मुंबई की छात्रा तमन्ना ने अपनी JEE सफलता की कहानी और पढ़ाई की खास रणनीति साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतरता और क्वालिटी पर ध्यान देकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
रांची के जंगलों में मिलता है रहस्यमयी छुईमुई का पौधा, छूते ही मुरझा जाता है, बीमारियों के लिए है अचूक दवा
झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जंगलों में एक बेहद अनोखा पौधा पाया जाता है, जिसे लोग छुईमुई के नाम से जानते हैं। यह पौधा न केवल अपनी स्पर्श-संवेदी प्रवृत्ति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि कई तरह की शारीरिक बीमारियों का इलाज करने में भी सक्षम है।
सफलता की कहानी: घर-घर कपड़े बेचने वाली नेहा का 2 करोड़ का कारोबार, जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम
रांची की रहने वाली नेहा ने छोटे स्तर से शुरुआत कर आज एक बड़ी पहचान बनाई है। नेहा क्रिएशन के जरिए वह न केवल अपना व्यापार फैला रही हैं, बल्कि 70 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
रांची के जंगलों में मिलता है चमत्कारी छुईमुई का पौधा, बीमारियां ठीक करने में माना जाता है औषधि का खजाना
झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जंगलों में पाया जाने वाला छुईमुई का पौधा न केवल अपनी अनोखी चाल के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह पेट और त्वचा संबंधी रोगों के लिए एक अचूक औषधि भी है। स्थानीय लोग इसे जादुई पौधा मानकर कई बीमारियों के इलाज में उपयोग करते हैं।
रांची की अल्बीना एक्का: अनपढ़ होकर भी चीकू की खेती से बनीं सफल बिज़नेस वुमन
रांची के पलांडू गांव की अल्बीना एक्का ने अनपढ़ होने के बावजूद अपनी मेहनत से खेती में नया मुकाम हासिल किया है। आज वह चीकू के बागान से सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और दर्जनों लोगों को रोजगार दे रही हैं।
रांची: गोबर और नीम से सावित्री ने बदली अपनी तकदीर, खड़ी की सफल जैविक खेती की कंपनी
रांची के बेड़ों गांव की रहने वाली सावित्री खजूर ने मजदूरी का काम छोड़कर जैविक खेती में अपना करियर बनाया है और अब हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
झारखंड की सरिता ने कटहल प्रोसेसिंग से खड़ी की सफलता की मिसाल, 23 लाख के टर्नओवर के साथ 8 महिलाओं को दिया काम
रांची की रहने वाली सरिता देवी ने सरकारी मदद और अपनी मेहनत से कटहल प्रोसेसिंग का कारोबार शुरू कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार का जरिया बनाया है।
रांची में गहनों की खरीदारी के लिए बेस्ट मार्केट, मेकिंग चार्ज पर मिल रही भारी छूट
अगर आप शादी-विवाह या किसी विशेष अवसर के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो रांची की मेन रोड स्थित ज्वेलरी गली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यहां बजट के अनुकूल विकल्पों के साथ मेकिंग चार्ज पर आकर्षक छूट भी दी जा रही है।
रांची में मिला अनोखा डीजल देने वाला पेड़, ग्रामीणों के लिए किसी खजाने से कम नहीं
रांची के इटकी गांव में एक विशेष पेड़ पाया जाता है जिसके बीज से डीजल और प्राकृतिक औषधियां बनाई जाती हैं। ग्रामीण इसे एक बहुउद्देशीय रामबाण औषधि मानकर इस्तेमाल करते हैं।
रांची की महिलाओं की बदली तकदीर, मड़वा की नर्सरी से हर महीने कमा रहीं ₹25000
रांची के मुरकुनी गांव की महिलाएं अब फुर्सत के समय में बातें करने के बजाय मड़वा बीज की नर्सरी चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गोमूत्र तकनीक से तैयार पौधों की मांग झारखंड के बाहर भी है, जिससे हर महिला को हर महीने अच्छी कमाई हो रही है।