महुआ का नया अवतार: अब चॉकलेट और कुकीज का आनंद लेंगे डायबिटीज मरीज जीवनशैली एक महीने पहले 47
झारखंड की महिलाएं महुआ का उपयोग शराब के बजाय अब चॉकलेट और कुकीज बनाने में कर रही हैं। कम कैलोरी और शुगर मुक्त होने के कारण यह स्वास्थ्य के प्रति सचेत लोगों और डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन गया है।

महुआ से बन रहे सेहतमंद उत्पाद

झारखंड के खूंटी जिले के जंगलों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले महुआ का उपयोग अब एक नई दिशा में हो रहा है। आमतौर पर महुआ का इस्तेमाल शराब बनाने के लिए किया जाता था, लेकिन अब स्थानीय महिलाएं इससे चॉकलेट, कुकीज, कैंडी और सिरप जैसे स्वादिष्ट उत्पाद तैयार कर रही हैं। यह न केवल स्वाद में बेहतरीन हैं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी फायदेमंद साबित हो रहे हैं।

डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित विकल्प

इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम है। शोध के अनुसार, इन चॉकलेट्स में कैलोरी की मात्रा मात्र 5 से 10 के बीच होती है और इनमें चीनी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यही कारण है कि जो लोग स्वास्थ्य को लेकर सजग हैं या जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, वे भी इन्हें बिना किसी संकोच के खा सकते हैं। इसके अलावा, ये उत्पाद प्रोटीन और जरूरी विटामिन्स का एक अच्छा स्रोत हैं।

महिला सशक्तिकरण और रोजगार

यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का भी काम कर रही है। पहले जो महिलाएं महुआ बेचकर बहुत कम मुनाफा कमा पाती थीं, वे अब मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इस काम से लगभग 300 महिलाओं को सीधा रोजगार मिल रहा है। सलोनी बताती हैं कि ये उत्पाद बड़े ब्रांड की चॉकलेट को भी कड़ी टक्कर देते हैं और इनमें शुद्धता व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

किफायती और सुलभ

ये स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद काफी किफायती भी हैं:

  • चॉकलेट और कुकीज की कीमत 50 रुपये से 100 रुपये के बीच है।
  • विभिन्न प्रकार की कैंडी भी इसी बजट रेंज में उपलब्ध हैं।
  • महुआ सिरप की कीमत 200 रुपये से 250 रुपये के आसपास है।

ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार इनका चुनाव कर सकते हैं। यह नवाचार न केवल समाज में महुआ की छवि बदल रहा है, बल्कि पारंपरिक रूप से शराब बनाने वाली महिलाओं को एक सम्मानजनक और लाभदायक पेशा भी दे रहा है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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