उपनाम: खेती
मछली पालन से बढ़ाएं अपनी आमदनी, 1 एकड़ के तालाब में पंगास और कतला से कमाएं मुनाफा
अगर आप मछली पालन के व्यवसाय में उतरना चाहते हैं, तो 1 एकड़ के तालाब से शुरुआत करना एक बेहतरीन विकल्प है। मत्स्य विशेषज्ञों के अनुसार सही तकनीक और प्रबंधन से आप महज 6 से 7 महीने में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना: किसानों को 6 लाख रुपये तक का सस्ता कर्ज, ऐसे उठाएं फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार ने खेती को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना शुरू की है, जिसके तहत किसानों को मात्र 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया जाएगा।
टुल्लू पंप में आ रही थरथराहट और कम प्रेशर की समस्या, इन 5 उपायों से खुद ठीक करें पंप
खेती और घरेलू इस्तेमाल में आने वाले इलेक्ट्रिक टुल्लू पंप अक्सर रखरखाव की कमी से खराब हो जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार पंप के दबाव और वाइब्रेशन से जुड़ी इन पांच आम समस्याओं को सही तरीके से पहचानकर आप घर पर ही इनका समाधान कर सकते हैं.
बिहार का मखाना दुनिया के 20 से अधिक देशों में लोकप्रिय, अगले 5 वर्षों में 30,000 टन निर्यात का लक्ष्य
बिहार का मिथिला मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में इसके निर्यात को 30,000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है।
घर पर ही तैयार करें सैकड़ों फलदार पौधे, एयर लेयरिंग तकनीक से मात्र 2 साल में मिलेगा फल
अगर आप अपने बगीचे के बेहतरीन फलों के पेड़ से नए पौधे उगाना चाहते हैं, तो बाजार जाने की जरूरत नहीं है। गुटी कलम या एयर लेयरिंग विधि के जरिए आप बहुत कम समय और खर्च में घर पर ही नए पौधे तैयार कर सकते हैं।
बुरहानपुर के किसान अजय ने बदली खेती की सूरत, 10 एकड़ में मिश्रित फसलों से बंपर मुनाफा
बुरहानपुर के युवा किसान अजय प्रजापति ने पारंपरिक खेती से हटकर मिश्रित खेती को अपनाया है। आज वे 10 एकड़ भूमि पर कई तरह की फसलें उगाकर न केवल शानदार कमाई कर रहे हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
गाजर घास का बढ़ता खतरा: एक पौधा छोड़ रहा 25 हजार बीज, खेती और सेहत पर मंडराया संकट
सीकर में गाजर घास का तेजी से बढ़ता फैलाव न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि इंसानी सेहत के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुका है।
पुराने टुल्लू पंप का कम प्रेशर आपको कर रहा है परेशान, एक्सपर्ट ने बताए शानदार तरीके
अगर आपका पुराना टुल्लू पंप पानी का प्रेशर नहीं दे पा रहा है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट की इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने पंप को फिर से नए जैसा बना सकते हैं और इसकी उम्र भी बढ़ा सकते हैं।
कृषि यंत्रों पर बंपर छूट का मौका, 50 प्रतिशत तक सब्सिडी पाने के लिए इस तारीख तक करें आवेदन
मध्य प्रदेश के सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान कृषि उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
बिना किसी मशीन के मानसून की विदाई का सटीक संकेत देती है यह पुरानी कहावत
आधुनिक युग से पहले लोग प्रकृति के संकेतों को देखकर मानसून की विदाई का पता लगाते थे। आज भी कुछ ऐसे पारंपरिक तरीके मौजूद हैं, जो मौसम का सटीक अंदाजा देते हैं।
डेयरी फार्मिंग में कैसे पाएं सफलता, कितनी गायों से शुरू करें काम और कौन सी नस्ल है सबसे मुनाफेदार
आजकल युवाओं में डेयरी फार्मिंग को लेकर काफी उत्साह है, लेकिन इसे मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सही नस्ल का चुनाव और शुरुआत का तरीका जानना बेहद जरूरी है। अनुभवी किसान अनिल शर्मा से जानिए इस व्यवसाय को सफल बनाने के टिप्स।
प्लास्टिक मल्चिंग पर सरकार दे रही 50 प्रतिशत अनुदान, बीकानेर के किसानों के लिए 70 हेक्टेयर का लक्ष्य तय
राजस्थान के बीकानेर में उद्यानिकी फसलों की पैदावार और सिंचाई में सुधार के लिए सरकार प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक पर भारी सब्सिडी दे रही है।
रूफटॉप गार्डनिंग टिप्स: घर की छत पर उगाएं ताजी सब्जियां और फल, जानें सफल खेती का सही तरीका
बढ़ते शहरीकरण के दौर में अपनी छत को हरा-भरा बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह से आप घर पर ही सब्जियां और फलों की बंपर पैदावार ले सकते हैं, बस कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।
मौसमी के बाग में कुरथी की खेती, खाली जमीन का स्मार्ट इस्तेमाल दिलाएगा किसानों को दोहरा मुनाफा
पलामू के एक प्रगतिशील किसान सतीश दुबे ने मौसमी के बागों में इंटरक्रॉपिंग के जरिए कुरथी की खेती शुरू की है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के साथ पशुओं के लिए चारे की समस्या से भी निजात मिल रही है।
खेती की लागत घटाने और मिट्टी उपजाऊ बनाने का तरीका: फसल अवशेषों को जलाने के बजाय ऐसे करें प्रबंधन
कटाई के बाद खेत में बचे फसल के कचरे को आग के हवाले करना न केवल प्रदूषण फैलाता है बल्कि जमीन की उर्वरक क्षमता भी घटाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान इन अवशेषों का उपयोग मल्चिंग, खाद निर्माण और पशु आहार के रूप में करके दोहरा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।