जीवनशैली
2 घंटे पहले
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परफेक्ट गुलाब जामुन बनाने का सही तरीका
भारत में त्योहारों और खुशियों के मौकों पर गुलाब जामुन का नाम सबसे ऊपर आता है। हालांकि, कई लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बने गुलाब जामुन बाजार जैसे नरम नहीं होते। कभी वे सख्त हो जाते हैं, तो कभी चाशनी अंदर तक नहीं पहुंचती। अगर आप भी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इन कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप हर बार लाजवाब मिठाई बना सकते हैं।
आटा गूंथने में न करें ये गलती
गुलाब जामुन का आटा तैयार करते समय सबसे बड़ी गलती उसे जरूरत से ज्यादा गूंथना है। कई लोग इसे रोटी के आटे की तरह जोर लगाकर गूंथते हैं, जिससे गुलाब जामुन तलने के बाद सख्त हो जाते हैं। खोया और मैदा को बस हल्के हाथों से मिलाएं और मिश्रण तैयार होने के बाद इसे कुछ मिनट के लिए ढककर छोड़ दें।
गोलों की बनावट का रखें ध्यान
गुलाब जामुन के गोले बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनकी सतह बिल्कुल चिकनी हो। यदि गोलों में दरारें हैं, तो वे कढ़ाई में जाकर फट सकते हैं। गोले बनाते समय अपनी हथेलियों पर थोड़ा घी या दूध लगाएं, इससे सतह मुलायम रहती है और गुलाब जामुन का आकार भी सही बना रहता है।
तलने का सही तापमान है जरूरी
गुलाब जामुन को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर तलना चाहिए। अगर तेल बहुत अधिक गर्म होगा, तो बाहर की परत तुरंत पक जाएगी लेकिन अंदर का हिस्सा कच्चा रह जाएगा। इसके अलावा, कढ़ाई में गुलाब जामुन को लगातार चलाते रहें ताकि उनका रंग सभी तरफ से एक समान सुनहरा आए।
चाशनी और खोया का चुनाव
- सही खोया: गुलाब जामुन की गुणवत्ता खोये पर निर्भर करती है। हमेशा ताजा और मुलायम खोया इस्तेमाल करें। यदि खोया सूखा या दानेदार है, तो गुलाब जामुन सख्त बनेंगे।
- चाशनी की तकनीक: चाशनी न तो बहुत ज्यादा उबलती हुई होनी चाहिए और न ही ठंडी। हल्की गर्म चाशनी में ही गुलाब जामुन डालें ताकि वे उसे बेहतर तरीके से सोख सकें। एक तार की चाशनी इसके लिए उत्तम मानी जाती है।
- खुशबू के लिए: चाशनी में इलायची पाउडर या गुलाब जल का उपयोग करने से स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं।
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