मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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मध्य प्रदेश में इस सप्ताह मानसून के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उससे पहले राज्य के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं। दूसरी ओर कई जिलों में मौसम अब भी शुष्क बना हुआ है और लोग तेज गर्मी से जूझ रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया है। विभाग के मुताबिक हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक दर्ज की जा सकती है, इसलिए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज भोपाल, ग्वालियर, देवास, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, दतिया, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, डिंडौरी, सागर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, पन्ना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पांढुर्णा जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली
आईएमडी के अनुसार 15 से 21 जून के बीच छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पर्वदभा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं या कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं 16 से 19 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तथा 15 से 19 जून के दौरान छत्तीसगढ़ और पर्वदभा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार जताए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए सलाह
- गरज-चमक के दौरान घर के भीतर रहें। यदि किसी कारण बाहर निकलना पड़े तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों और खेतों में काम करने से बचें। पेड़ों, बिजली की तारों और निर्माण स्थलों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें।
- कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट फर्श पर लेटने से बचें।
पशुपालकों के लिए सलाह
- पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या जल स्रोतों के पास न छोड़ें।
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और संरक्षित शेड में रखें।
- दोपहर की तेज गर्मी में पशुओं को खुली चराई के लिए न छोड़ें।
- पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
- आकाशीय बिजली गिरने और तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधें।
गर्मी से बचाव के उपाय
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
- हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
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