भरतपुर की महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, घर पर ही बना रहीं साबुन और फिनाइल राजस्थान एक महीने पहले 30
भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे घरेलू उत्पाद तैयार कर रही हैं और घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए घर बैठे ही फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे रोजमर्रा के घरेलू उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भरता की नई पहचान गढ़ रही हैं। उनकी यह मेहनत न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा दे रही है, बल्कि पूरे गांव की तस्वीर भी बदल रही है।

घर के काम के साथ कमाई का जरिया

इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाओं को कमाई के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ रहा। वे घरेलू जिम्मेदारियों को संभालते हुए ही इन उत्पादों का निर्माण कर रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का एक भरोसेमंद साधन मिल गया है। यही प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रहा है।

कम लागत, बेहतर गुणवत्ता

महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे ये उत्पाद कम लागत में बनते हैं, लेकिन इनकी गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है। यही वजह है कि स्थानीय बाजारों, दुकानों और मेलों में इनकी बिक्री आसानी से हो रही है और इन्हें ग्राहकों की अच्छी पसंद मिल रही है।

प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग

इस मुहिम को आगे बढ़ाने में स्थानीय प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं की अहम भूमिका है। इनके सहयोग से महिलाओं को न केवल जरूरी प्रशिक्षण मिल रहा है, बल्कि वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने काम को व्यवस्थित ढंग से चला पा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम

यह प्रयास महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आत्मनिर्भरता की यह कहानी जिले की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप