जीवनशैली
एक घंटा पहले
2
विचारों
शरीर को क्यों चाहिए सही नींद
एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लेना आवश्यक है। कम सोने से शरीर में आलस और सुस्ती तो आती ही है, लेकिन अगर आप पर्याप्त समय सोने के बाद भी थकान महसूस करते हैं, तो इसे सामान्य न मानें। लगातार 10 घंटे या उससे अधिक सोने के बाद भी ऊर्जा की कमी महसूस होना स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बड़ी समस्या का इशारा हो सकता है।
ज्यादा सोने के नुकसान और प्रभाव
लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा सोने से शरीर की शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे न केवल वजन बढ़ने का खतरा रहता है, बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके अलावा, अत्यधिक नींद के कारण अक्सर सिरदर्द, बदन में भारीपन और दिनभर सुस्ती छाई रहती है।
इन कारणों से हो सकती है अत्यधिक नींद
नींद की गुणवत्ता प्रभावित होने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं:
- जीवनशैली: तनाव, अनियमित दिनचर्या और खानपान की गलत आदतें नींद के चक्र को बिगाड़ देती हैं।
- आंतरिक बीमारियां: थायरॉयड की समस्या, ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियां नींद को प्रभावित करती हैं।
- हार्मोनल बदलाव: शरीर में हार्मोन के असंतुलन के कारण भी इंसान को सामान्य से ज्यादा नींद महसूस हो सकती है।
- नींद संबंधी विकार: सोते समय सांस रुकना या बार-बार नींद का टूटना, शरीर को पूरा आराम नहीं मिलने देता, जिससे व्यक्ति थका हुआ महसूस करता है।
कब लें डॉक्टरी सलाह
यदि आपको अत्यधिक नींद के साथ निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें:
- सोते समय तेज खर्राटे आना।
- नींद के दौरान सांस लेने में कठिनाई महसूस होना।
- हमेशा थकान बने रहना।
- अचानक वजन का बढ़ना।
- याददाश्त का कमजोर होना और एकाग्रता में कमी आना।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अचानक आपकी नींद की अवधि बढ़ गई है या आप लंबे समय से अत्यधिक थकान महसूस कर रहे हैं, तो समय रहते चिकित्सकीय जांच करवाना जरूरी है। सही समय पर कारण का पता चलने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को टाला जा सकता है।
Comments
0 comment