दही में नमक या चीनी, क्या है ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक? जानें आयुर्वेद एक्सपर्ट की राय जीवनशैली एक महीने पहले 46
गर्मियों के मौसम में दही का सेवन सेहत के लिए काफी गुणकारी माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग इसे नमक या चीनी के साथ लेने को लेकर उलझन में रहते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार दोनों के अपने अलग लाभ हैं, बशर्ते इनका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए।

दही का सही विकल्प क्या है?

भारत में भोजन के साथ दही का सेवन एक आम परंपरा है। यह न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि पाचन और आंतों की सेहत को सुधारने में भी मदद करता है। गर्मियों के दौरान दही शरीर को आवश्यक ठंडक प्रदान करता है। लोग अपनी पसंद के अनुसार इसमें नमक या चीनी मिलाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से कौन सा विकल्प बेहतर है, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

नमक वाला दही: पाचन के लिए उपयोगी

अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. पीयूष माहेश्वरी के अनुसार, दही में सेंधा नमक और भुना जीरा मिलाकर खाना पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने का एक शानदार तरीका है। जो लोग नमक वाला दही पसंद करते हैं, उन्हें इसे बहुत अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। अधिक नमक के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से यदि किसी को हाई ब्लड प्रेशर या सोडियम से जुड़ी कोई समस्या है, तो उन्हें नमक वाला दही खाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

मीठा दही: इंस्टेंट एनर्जी और ठंडक

आयुर्वेद के दृष्टिकोण से दही और चीनी का मेल शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने में सहायक होता है। चीनी दही के खट्टेपन को कम कर देती है, जिससे यह स्वाद में बेहतर हो जाता है। साथ ही, मीठा मिलाने से दही की तासीर और भी अधिक ठंडी हो जाती है, जो भीषण गर्मी में राहत पहुंचाती है। हालांकि, यहाँ भी सावधानी जरूरी है। अत्यधिक चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यदि आप डायबिटीज या मोटापे जैसी किसी क्रॉनिक बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आहार में इसे शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना उचित है।

आयुर्वेद के अनुसार सेवन के नियम

विशेषज्ञों का मानना है कि दही को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए:

  • चीनी की जगह मिश्री, गुड़ या अन्य प्राकृतिक मिठास वाले विकल्पों का उपयोग करना अधिक फायदेमंद है।
  • साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • दही के पोषण को बढ़ाने के लिए इसमें पुदीना, खीरा, ताजे फल या भुना जीरा मिलाया जा सकता है।
  • दही का सेवन हमेशा व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, मौसम और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही करना चाहिए।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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