विटामिन D सप्लीमेंट लेने का सही समय और तरीका क्या है, जानिए न्यूरोलॉजिस्ट की राय स्वास्थ्य 5 घंटे पहले 2
विटामिन D की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट लेते समय सही वक्त और इस्तेमाल के तरीके का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि शरीर उसे ठीक से अवशोषित कर सके।

विटामिन D का महत्व और अवशोषण

शरीर में विटामिन D की पर्याप्त मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। हालांकि मुख्य रूप से सूर्य की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन भारतीयों में काफी कम पाया जाता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर अक्सर सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सप्लीमेंट का सेवन करने का सही समय और तरीका आपके शरीर पर इसके असर को तय करता है? न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत ने हाल ही में साझा किया है कि विटामिन D सप्लीमेंट को कैसे लेना चाहिए ताकि शरीर में इसका अवशोषण अधिकतम हो सके।

विटामिन D सप्लीमेंट के विभिन्न रूप

बाजार में विटामिन D सप्लीमेंट कई रूपों में उपलब्ध हैं, जिनमें कैप्सूल, सिरप, शीशियाँ और पाउच के रूप में आने वाले सैशे शामिल हैं। चूंकि विटामिन D एक फैट-सॉल्यूबल यानी वसा में घुलनशील विटामिन है, इसलिए यह हमारे शरीर में तभी प्रभावी ढंग से काम कर पाता है जब हमारी आंतों में वसा यानी फैट मौजूद हो। यही कारण है कि इसे लेने के तरीके में सावधानी बरतनी चाहिए।

सप्लीमेंट लेने का सबसे सही समय

डॉ. प्रियंका सहरावत के अनुसार, विटामिन D सप्लीमेंट को हमेशा उस समय लेना चाहिए जब आप दिन का सबसे भारी भोजन यानी अपना मुख्य मील ले रहे हों। आप अपने नाश्ते या दोपहर के भोजन के साथ इसे ले सकते हैं, बशर्ते उस भोजन में पर्याप्त मात्रा में हेल्दी फैट शामिल हो। दिन के सबसे बड़े भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट का संतुलित मिश्रण होता है, जो विटामिन D को सोखने में शरीर की मदद करता है। खाली पेट सप्लीमेंट लेने के बजाय इसे भोजन के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

पाउडर या सैशे का इस्तेमाल कैसे करें?

अक्सर लोग विटामिन D के पाउच या सैशे को पानी में घोलकर पी लेते हैं, जिसे डॉक्टर सही नहीं मानतीं। उनके अनुसार, इसे पानी में घोलने के बजाय दूध का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर तरीका है। इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं: पहला, दूध वसा का एक अच्छा स्रोत है, जो विटामिन D के अवशोषण के लिए जरूरी फैट प्रदान करता है। दूसरा, दूध में भरपूर कैल्शियम होता है। जब शरीर में विटामिन D का स्तर सही होता है, तो यह हड्डियों में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए दूध और विटामिन D का मेल हड्डियों की मजबूती के लिए रामबाण है।

अन्य पोषण संबंधी जानकारी

सिर्फ विटामिन D ही नहीं, कई बार लोग विटामिन B12 के सप्लीमेंट्स लेने के बावजूद शरीर में उसकी कमी महसूस करते हैं। सप्लीमेंट लेने के बाद भी विटामिन B12 का स्तर कम रहने के पीछे कई अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं, जिनकी जानकारी लेना भी आवश्यक है। सही तरीके और सही आदतों के साथ सप्लीमेंट्स का सेवन करने से ही आप उनके पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं और अपनी हड्डियों की सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप