उपनाम: स्वयं सहायता समूह
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
लखीमपुर खीरी: माया प्रेरणा समूह की राम बेटी ने बदली तकदीर, चाय-पराठे की कैंटीन से कमा रहीं हर दिन 2500 रुपये
लखीमपुर खीरी की राम बेटी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर साल 2017 में एक छोटी सी कैंटीन शुरू की थी, जो आज उनके आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन गई है। उनकी सफलता की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देखती हैं।
मजदूरी से लखपति तक का सफर: बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने ऐसे बदली अपनी और गांव की तकदीर
कभी दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत बदल ली है। आज वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी हैं।
मुरादाबाद की महिलाओं ने बदली तस्वीर, प्रेरणा कैंटीन से हर महीने कमा रहीं लाखों रुपये
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने घर की दहलीज लांघकर स्वरोजगार की अनूठी मिसाल पेश की है। ब्लॉक परिसर में चल रही उनकी कैंटीन न केवल जिले में मशहूर है, बल्कि इससे वे आत्मनिर्भर होकर हर महीने लाखों रुपये का कारोबार कर रही हैं।
आजमगढ़: गोबर से महिलाएं कमा रहीं लाखों, 50 पैसे की लागत से होगी ₹2.37 करोड़ की कमाई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक शानदार पहल शुरू की है, जिससे उन्हें गौशालाओं के गोबर से खाद बनाकर करोड़ों का मुनाफा होगा।
उत्तर प्रदेश: भदोही की कालीन को टक्कर दे रही बहराइच की हस्तनिर्मित दरी, शकुंतला देवी की मेहनत लाई रंग
बहराइच के परसा खरगमा गांव की शकुंतला देवी वेस्टेज कपड़ों से खूबसूरत और मजबूत दरियां बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनकी हस्तनिर्मित दरियों की मांग अब बहराइच समेत कई अन्य जिलों में भी बढ़ने लगी है।
मुरादाबाद की महिलाओं का कमाल: हर्बल चाय बेचकर कर रहीं हजारों की कमाई, विदेशों तक पहुंची चर्चा
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक महिला स्वयं सहायता समूह प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनी हर्बल चाय से अपनी अलग पहचान बना रहा है। आज यह समूह न केवल देशभर में अपने उत्पाद बेच रहा है, बल्कि विदेशी बाजार से भी इसे भारी मांग मिल रही है।
पति, पिता और ससुर का साथ छूटा, मजदूरी से शुरू हुआ सफर, अब महीने के 50 हजार कमाती हैं उजाला देवी
रांची की उजाला देवी ने मुश्किल दौर में मजदूरी कर परिवार पाला और अब अपने स्वयं सहायता समूह के जरिए आत्मनिर्भर बनकर सफलता की नई मिसाल बनी हैं।
गोंडा की राधा देवी ने बदली किस्मत: 5वीं तक पढ़ीं महिला हर्बल बिजनेस से कमा रही हैं लाखों
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की राधा देवी प्रजापति ने सीमित शिक्षा के बावजूद हर्बल उत्पादों के व्यवसाय में बड़ी सफलता हासिल की है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया गया उनका यह काम अब 12 से अधिक महिलाओं को रोजगार दे रहा है।
भरतपुर की महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, घर पर ही बना रहीं साबुन और फिनाइल
भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे घरेलू उत्पाद तैयार कर रही हैं और घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुफ्त प्रशिक्षण से संवरी जिंदगी! मुरादाबाद की इन महिलाओं ने घर बैठे शुरू किया लाखों का कारोबार, हो रही शानदार आमदनी
मुरादाबाद की महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने मुफ्त ट्रेनिंग के दम पर हस्तशिल्प और सिलाई-कढ़ाई का कारोबार खड़ा कर लिया है। हर महीने यह समूह लाखों रुपये की कमाई कर रहा है और हर महिला 10 से 15 हजार रुपये कमा रही है।
समूह से जुड़ीं रेनू देवी ने घर से शुरू किया मसाला कारोबार, बनाया अपना ब्रांड और कर रहीं तगड़ी कमाई
फिरोजाबाद के एक गांव की रेनू देवी ने महिला समूह से जुड़कर घर पर मसाले पीसने का काम शुरू किया और आज अपने ब्रांड के सहारे सालभर में लाखों की कमाई कर रही हैं।
मूंज उत्पादों की होगी ब्रांडिंग, समूह से जुड़ी महिलाएं घर बैठे कमा रहीं हर माह 30000 रुपये
अमेठी जिले में स्वयं सहायता समूहों के जरिए हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है और अब जिला प्रशासन यहां तैयार होने वाले मूंज समेत अन्य उत्पादों की ब्रांडिंग कराने की तैयारी में है, जिससे उनकी बिक्री और आसान हो जाएगी।
समूह से मिली राह: बहराइच की संगीता ने घर बैठे शुरू किया दाल की बड़ी का कारोबार, अब हो रही अच्छी कमाई
बहराइच के ताजपुर गांव की संगीता देवी ने स्वयं सहायता समूह से प्रशिक्षण लेकर घर से ही खबहा और धोई उड़द दाल की बड़ी बनाने का काम शुरू किया और आज इससे अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
पति को खोने के बाद भीख तक मांगनी पड़ी, अब आत्मनिर्भर हैं मुनक्का देवी, चला रहीं अपना कारोबार
बहराइच के निबिया बेगमपुर गांव की मुनक्का देवी ने पति की मृत्यु के बाद बेहद कठिन दौर देखा, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आज वे गाय के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद बनाकर अपना खुद का व्यवसाय चला रही हैं।