उपनाम: स्वयं सहायता समूह
गोंडा की कुसुम मौर्य का कमाल: घर पर तैयार पथरी नाशक आयुर्वेदिक जूस की मुंबई और दिल्ली तक भारी मांग
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली कुसुम मौर्य ने घर पर जड़ी-बूटियों से पथरी नाशक आयुर्वेदिक जूस बनाना शुरू किया है, जिसकी मांग अब देशभर के प्रमुख शहरों तक पहुंच गई है।
रांची की रेशमा का कमाल: मकई और रागी के बिस्कुट-लड्डू से बदली तकदीर, घर बैठे संभाल रही हैं कारोबार
रांची निवासी रेशमा मकई और रागी से बने 50 से अधिक स्वादिष्ट उत्पाद तैयार कर लोगों का दिल जीत रही हैं, साथ ही 100 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सराहनीय काम भी कर रही हैं।
लखपति दीदी योजना: सालाना 1 लाख रुपये तक की कमाई का सुनहरा मौका, जानिए आवेदन की प्रक्रिया
सरकार की लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा माध्यम है। इस पहल के जरिए 3 करोड़ महिलाओं की सालाना आय को कम से कम 1 लाख रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
बस्तर की महिलाओं का कमाल: धान और बांस से बनी इको-फ्रेंडली राखियों की धूम, मिठाई बेचकर भी कमा रहीं मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बस्तर की महिलाओं ने प्राकृतिक सामग्री से राखियां तैयार कर बाजार में अपनी खास पहचान बनाई है, साथ ही वे राखी के साथ मिठाई बेचकर भी अतिरिक्त कमाई कर रही हैं।
जयपुर के इस दंपति ने जूट से बनाया करोड़ों का कारोबार, घर से शुरू कर विदेशों तक पहुंचाई हस्तकला
राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक दंपति ने जूट से बने इको-फ्रेंडली उत्पादों के साथ एक सफल स्टार्टअप शुरू किया है, जिससे आज सैकड़ों महिलाएं रोजगार प्राप्त कर रही हैं।
ऑर्गेनिक वेस्ट सीरीज: 8 से 10 महिलाएं मिलकर कचरे से खाद का बिजनेस कैसे शुरू करें
घरों और शहरों से निकलने वाले गीले कचरे को खाद में बदलकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपना खुद का बिजनेस खड़ा कर सकती हैं।
लखपति दीदी बनने का शानदार अवसर, 17 दिन की ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को मिलेगी पशु सखी की नई पहचान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए पशुपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने का बड़ा मौका आया है। ए-हेल्प योजना के तहत उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर पशु सखी के तौर पर तैयार किया जा रहा है।
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
लखीमपुर खीरी: माया प्रेरणा समूह की राम बेटी ने बदली तकदीर, चाय-पराठे की कैंटीन से कमा रहीं हर दिन 2500 रुपये
लखीमपुर खीरी की राम बेटी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर साल 2017 में एक छोटी सी कैंटीन शुरू की थी, जो आज उनके आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन गई है। उनकी सफलता की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देखती हैं।
मजदूरी से लखपति तक का सफर: बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने ऐसे बदली अपनी और गांव की तकदीर
कभी दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत बदल ली है। आज वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी हैं।
मुरादाबाद की महिलाओं ने बदली तस्वीर, प्रेरणा कैंटीन से हर महीने कमा रहीं लाखों रुपये
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने घर की दहलीज लांघकर स्वरोजगार की अनूठी मिसाल पेश की है। ब्लॉक परिसर में चल रही उनकी कैंटीन न केवल जिले में मशहूर है, बल्कि इससे वे आत्मनिर्भर होकर हर महीने लाखों रुपये का कारोबार कर रही हैं।
आजमगढ़: गोबर से महिलाएं कमा रहीं लाखों, 50 पैसे की लागत से होगी ₹2.37 करोड़ की कमाई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक शानदार पहल शुरू की है, जिससे उन्हें गौशालाओं के गोबर से खाद बनाकर करोड़ों का मुनाफा होगा।
उत्तर प्रदेश: भदोही की कालीन को टक्कर दे रही बहराइच की हस्तनिर्मित दरी, शकुंतला देवी की मेहनत लाई रंग
बहराइच के परसा खरगमा गांव की शकुंतला देवी वेस्टेज कपड़ों से खूबसूरत और मजबूत दरियां बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनकी हस्तनिर्मित दरियों की मांग अब बहराइच समेत कई अन्य जिलों में भी बढ़ने लगी है।
मुरादाबाद की महिलाओं का कमाल: हर्बल चाय बेचकर कर रहीं हजारों की कमाई, विदेशों तक पहुंची चर्चा
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक महिला स्वयं सहायता समूह प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनी हर्बल चाय से अपनी अलग पहचान बना रहा है। आज यह समूह न केवल देशभर में अपने उत्पाद बेच रहा है, बल्कि विदेशी बाजार से भी इसे भारी मांग मिल रही है।
पति, पिता और ससुर का साथ छूटा, मजदूरी से शुरू हुआ सफर, अब महीने के 50 हजार कमाती हैं उजाला देवी
रांची की उजाला देवी ने मुश्किल दौर में मजदूरी कर परिवार पाला और अब अपने स्वयं सहायता समूह के जरिए आत्मनिर्भर बनकर सफलता की नई मिसाल बनी हैं।