उपनाम: स्वयं सहायता समूह
बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।
घर की चारदीवारी से निकलकर बनीं उद्यमी, चौलाई के लड्डुओं से आत्मनिर्भर हुईं मुरादाबाद की महिलाएं
मुरादाबाद के 'मां शारदा स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं 10 महिलाएं चौलाई के लड्डू बनाकर हर महीने लाखों का मुनाफा कमा रही हैं और हर सदस्य 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही है।
बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने ₹51 में मिल रही खास लस्सी, न बर्फ न केमिकल और स्वाद लाजवाब
बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शुद्ध दूध, ड्राईफ्रूट्स और चेरी से बनी खास लस्सी बेच रही हैं, जिसके 200 एमएल गिलास की कीमत सिर्फ 51 रुपये है। इसमें न बर्फ डाली जाती है और न ही कोई केमिकल।
खंडवा में बतख पालन और एक्वा पार्क से बदली तस्वीर, 160 महिलाओं को मिला रोजगार का नया रास्ता
खंडवा जिले की नई पहल ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए उम्मीद बनकर उभरी है। बतख पालन और एकीकृत एक्वा मॉडल के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अंडों से कमाई की तैयारी कर रही हैं।
मजाक में लगी थी पहली हाट, अब हर गुरुवार हजारों का कारोबार — महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की कहानी
चैनपुर के चेडाबार गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा 2022 में शुरू किया गया ग्रामीण हाट आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है, जहां हर गुरुवार सब्जियों से लेकर रोजमर्रा का सामान बिकता है।
घर पर बनाए आलू के चिप्स और पापड़, हर महीने 15 हजार तक की कमाई, दूर-दराज से पहुंचते हैं खरीदार
मुरादाबाद की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर पर आलू के चिप्स और पापड़ तैयार कर बाजार में बेच रही हैं। इस छोटे उद्यम से जहां उन्हें अच्छी कमाई हो रही है, वहीं कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
अचार के हुनर से बदली मुरादाबाद की महिलाओं की तकदीर, घर बैठे हो रही हजारों की कमाई
मुरादाबाद की शारदा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक तरीके से बिना प्रिजरवेटिव वाला लहसुन का अचार बना रही हैं, जिसकी बाजार में बढ़ती मांग ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। समूह की 10 से 12 महिलाएं हर महीने 12 से 13000 रुपये तक कमा रही हैं।