मुरादाबाद की महिलाओं ने बदली तस्वीर, प्रेरणा कैंटीन से हर महीने कमा रहीं लाखों रुपये उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 80
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने घर की दहलीज लांघकर स्वरोजगार की अनूठी मिसाल पेश की है। ब्लॉक परिसर में चल रही उनकी कैंटीन न केवल जिले में मशहूर है, बल्कि इससे वे आत्मनिर्भर होकर हर महीने लाखों रुपये का कारोबार कर रही हैं।

आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर महिलाएं

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में महिलाओं ने साबित कर दिखाया है कि इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। अब यहां की महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। मुरादाबाद विकास खंड कार्यालय परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। 10 महिलाओं का यह समूह पिछले काफी समय से खुद को साबित करने और अपने परिवार को आर्थिक संबल देने का कार्य कर रहा है।

दो साल से चल रहा सफल सफर

इस कैंटीन की स्थापना के पीछे एक सोच थी कि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। समूह की अध्यक्ष सोनम ने बताया कि विकास खंड मुरादाबाद ब्लॉक परिसर में स्थित इस कैंटीन को वे लोग पिछले 2 साल से संचालित कर रही हैं। इस पूरे उपक्रम में कुल 10 महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं, जो पूरी व्यवस्था को आपसी समन्वय और समझदारी के साथ संभालती हैं। उन्होंने बताया कि काम का बंटवारा इस तरह से किया गया है कि किसी भी कार्य में परेशानी न हो। समूह की कुछ सदस्य नाश्ते की सामग्री जैसे समोसे, ब्रेड पकौड़े और पकौड़ियां तैयार करने की जिम्मेदारी उठाती हैं, जबकि अन्य महिलाएं दोपहर के शुद्ध और पौष्टिक भोजन की कमान संभालती हैं।

स्वाद और स्वच्छता का संगम

इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों की मांग मुरादाबाद के स्थानीय बाजार में बहुत अधिक है। इसका कारण उनकी मेहनत के साथ-साथ शुद्धता के प्रति उनका समर्पण भी है। कैंटीन में बनने वाली हर चीज को बहुत ही साफ-सुथरे वातावरण में बनाया जाता है। सोनम का कहना है कि उनकी बनाई गई चीजों का स्वाद ही है कि लोग दूर-दूर से यहां खिंचे चले आते हैं। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए वे नाश्ते से लेकर लंच तक की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चला रही हैं।

सिर्फ ₹70 में भरपेट थाली

प्रेरणा कैंटीन की सबसे बड़ी विशेषता वहां मिलने वाला किफायती और गुणवत्तापूर्ण भोजन है। यहां मात्र ₹70 के मूल्य में ग्राहकों को भरपेट भोजन की पूरी थाली उपलब्ध कराई जाती है। इस थाली में दो प्रकार की मौसमी सब्जियां, चावल, चार रोटियां और सलाद शामिल होता है। इतनी कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलने के कारण यह कैंटीन सरकारी दफ्तर के कर्मचारियों और आसपास आने वाले लोगों के लिए पसंदीदा स्थान बन गई है। चाय, समोसे और अन्य पकवान भी यहां हर समय उपलब्ध रहते हैं, जिससे कैंटीन में ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।

आर्थिक मजबूती और भविष्य की राह

प्रशासन के सहयोग से शुरू हुआ यह सफर अब सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। महिलाओं का यह समूह सामूहिक रूप से हर महीने लाखों रुपये का टर्नओवर कर रहा है, जो उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। आर्थिक लाभ की बात करें तो समूह की प्रत्येक महिला को हर महीने 10 से 15 हजार रुपये तक की व्यक्तिगत आय हो रही है। यह कमाई न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बना रही है, बल्कि उन्हें एक नई पहचान भी दे रही है। यह कैंटीन अब अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो घर से बाहर निकलकर स्वरोजगार अपनाना चाहती हैं। इस सफलता ने मुरादाबाद की महिलाओं को समाज के सामने एक सशक्त उदाहरण के रूप में खड़ा कर दिया है, जो यह दर्शाता है कि आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलकर महिलाएं न केवल अपना जीवन बदल सकती हैं, बल्कि समाज के आर्थिक विकास में भी अपना बहुमूल्य योगदान दे सकती हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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