अगरबत्ती बनाने का काम छोड़ शुरू किया नाश्ते का स्टॉल, आज रायपुर में स्वाद के लिए मशहूर है साहू नाश्ता सेंटर छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भांठागांव नाका चौक पर स्थित साहू नाश्ता सेंटर अपने बेहतरीन स्वाद और किफायती दामों के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। कभी अगरबत्ती बनाने का काम करने वाले सालिक राम साहू ने आज अपनी मेहनत से खानपान के इस कारोबार में एक खास पहचान बनाई है।

रायपुर में स्वाद का नया पता

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का भांठागांव नाका चौक इन दिनों खाने-पीने के शौकीनों के लिए किसी आकर्षण से कम नहीं है। यहां स्थित साहू नाश्ता सेंटर पर सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहता है। बारिश के इस सुहाने मौसम में यहां के गरमागरम नाश्ते का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं। सादगी और बेहतरीन स्वाद के मेल ने इस दुकान को इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। यहाँ आने वाले ग्राहकों की भीड़ देखकर साफ पता चलता है कि यह जगह स्थानीय लोगों की पसंदीदा बन चुकी है।

सिर्फ 25 रुपये में भरपेट नाश्ता

इस नाश्ता सेंटर की सबसे बड़ी खासियत इसके दाम हैं। यहाँ एक प्लेट नाश्ते के लिए ग्राहकों को मात्र 25 रुपये चुकाने होते हैं। संचालक सालिक राम साहू का कहना है कि उन्होंने कीमतों को इसलिए कम रखा है ताकि समाज के हर वर्ग के लोग इसका आनंद ले सकें। उनकी दुकान पर स्वाद और गुणवत्ता के साथ कभी समझौता नहीं किया जाता है, यही कारण है कि राहगीर भी यहां अपनी गाड़ी रोककर नाश्ता करना पसंद करते हैं।

मेनू में शामिल हैं कई तरह के व्यंजन

साहू नाश्ता सेंटर में दिन के हर पहर के हिसाब से अलग-अलग व्यंजन तैयार किए जाते हैं। सालिक राम साहू के मुताबिक, दुकान सुबह 7 बजे खुल जाती है। सुबह की शुरुआत पोहा, इडली और सांभर वड़ा के साथ होती है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, दुकान पर समोसा, कचौड़ी, ब्रेड चाप, आलू गुंडा और वड़ा जैसे स्वादिष्ट विकल्प उपलब्ध हो जाते हैं। बारिश के दिनों में मिर्ची भजिया, देसी उड़द दाल के वड़े और आलू गुंडा की जबरदस्त मांग रहती है। इन पकवानों के साथ परोसी जाने वाली खास खट्टी-मीठी चटनी और तीखी मिर्ची वाली चटनी खाने के स्वाद में चार चांद लगा देती है।

बदली किस्मत की कहानी

सफलता की इस कहानी के पीछे 15 साल का लंबा संघर्ष है। सालिक राम साहू ने बताया कि नाश्ते के व्यवसाय में आने से पहले उनका परिवार पूरी तरह से घर पर अगरबत्ती और दीया-बाती बनाने के काम में जुटा रहता था। हालांकि, उस काम में भविष्य की संभावनाएं कम दिख रही थीं। तब परिवार के सदस्यों ने उन्हें कुछ नया करने की सलाह दी। परिजनों के सुझाव को मानते हुए उन्होंने नाश्ते का स्टॉल शुरू किया। उनकी मेहनत और सच्ची लगन का ही परिणाम है कि आज यह छोटी सी दुकान भांठागांव नाका चौक की एक प्रमुख पहचान बन गई है।

ग्राहकों की बढ़ती भीड़

साहू नाश्ता सेंटर की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां रोजाना 250 से अधिक प्लेट नाश्ते की बिक्री होती है। दुकान रात 10 बजे तक खुली रहती है, और शाम ढलते ही मिर्ची भजिया के शौकीनों की भीड़ बढ़ जाती है। न केवल स्थानीय निवासी बल्कि आसपास के इलाकों से भी लोग यहां का स्वाद लेने आते हैं। अगरबत्ती के कारोबार को छोड़कर खानपान की दुनिया में कदम रखने वाले सालिक राम साहू आज अपनी इस छोटी सी पहल से लोगों के दिलों में जगह बना चुके हैं। उनके लिए ग्राहकों की संतुष्टि ही सबसे बड़ी कमाई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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