रांची: प्रीति ने साड़ी कारोबार में रचा इतिहास, मात्र 350 रुपये से शुरू है कलेक्शन झारखंड एक घंटा पहले 4
रांची की रहने वाली प्रीति ने साड़ी के व्यवसाय में एक मिसाल कायम की है, जहां वे बेहद किफायती दामों पर साड़ियां उपलब्ध कराकर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।

सपनों की उड़ान और प्रीति का हौसला

जीवन में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए केवल ऊंची डिग्रियों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सही दिशा में किया गया प्रयास और अटूट साहस ही काफी होता है। इस बात को रांची की रहने वाली प्रीति ने अपने साड़ियों के सफल बिजनेस के जरिए साबित कर दिखाया है। प्रीति का यह अनूठा बिजनेस मॉडल आज बड़े-बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे रहा है और कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

मात्र 350 रुपये से शुरू है साड़ियों का कलेक्शन

प्रीति के काम की सबसे बड़ी खासियत उनका किफायती दाम है। उनके साड़ियों के कलेक्शन की शुरुआत मात्र 350 रुपये से होती है। इतना ही नहीं, उनके पास मौजूद साड़ियों की रेंज में सबसे महंगी साड़ी भी केवल 700 रुपये तक की है। कम दाम होने के बावजूद क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाता है, जिसके कारण हर वर्ग की महिलाएं उनकी मुरीद बनी हुई हैं। प्रीति का स्पष्ट मानना है कि उन्होंने कीमतों को इसलिए बहुत कम और स्थिर रखा है, ताकि निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों की महिलाएं भी आसानी से अच्छी गुणवत्ता वाली साड़ियां पहन सकें।

बिचौलियों की छुट्टी, सीधा मुनाफा

कम कीमतों का राज साझा करते हुए प्रीति बताती हैं कि वे खुद बाजार जाकर फैब्रिक की खरीद करती हैं और उसके बाद साड़ियों को तैयार करवाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी बिचौलिये या दलाल की भूमिका नहीं होती है। सीधा उत्पादन और सीधी बिक्री के इस मॉडल की वजह से ही वे ग्राहकों को कम से कम दाम पर बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध कराने में सक्षम हैं।

10 महिलाओं को मिला रोजगार का अवसर

प्रीति के इस उपक्रम का लाभ केवल उन्हीं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने साथ जुड़ी अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। फिलहाल उनके साथ 10 महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं जो साड़ियां तैयार करने में अपना सहयोग देती हैं। ये महिलाएं हर महीने 12,000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं। अपनी मेहनत से ये महिलाएं न केवल घर का खर्च चलाने में योगदान दे रही हैं, बल्कि खुद को आत्मनिर्भर भी बना चुकी हैं। प्रीति के लिए यह महज एक बिजनेस नहीं, बल्कि एक ऐसी टीम है जहां महिलाएं मिलकर एक-दूसरे को विकास की ओर ले जा रही हैं।

घर के कमरे से शुरू हुआ सफर, अब पूरे भारत में पहचान

प्रीति ने इस सफर की शुरुआत अपने घर के एक छोटे से कमरे से की थी, लेकिन अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने इसे आज एक बड़े गोदाम के स्तर तक पहुंचा दिया है, जहां हर समय साड़ियों का स्टॉक उपलब्ध रहता है। आज उनके बिजनेस का विस्तार इतना हो चुका है कि वे भारत भर में यानी पैन इंडिया स्तर पर डिलीवरी कर रही हैं। प्रीति उन महिलाओं के लिए एक उदाहरण हैं जो मानती हैं कि शादी या उम्र का असर उनके सपनों पर पड़ता है। उनका कहना है कि अगर आपमें काम करने की लगन है, तो छोटे स्तर से ही शुरुआत करें। यदि आप अपने कार्य के प्रति ईमानदार रहेंगे, तो सफलता अवश्य कदम चूमेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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