उपनाम: पर्यावरण
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में टर्टल सर्वे: पहली बार मिलीं कछुओं की 7 दुर्लभ प्रजातियां
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में आयोजित पहले टर्टल सर्वे के दौरान कछुओं की सात अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
सेशेल्स: अफ्रीका का सबसे छोटा देश, जो अपनी दौलत और खूबसूरती से दुनिया को कर रहा है हैरान
हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स अफ्रीका का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा देश है, जो अपने शानदार समुद्र तटों, विशाल कछुओं और मजबूत भारतीय रिश्तों के लिए विश्व भर में अपनी खास पहचान रखता है।
छत्तीसगढ़: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शाहीन फॉल्कन का हैरतअंगेज शिकार कैमरे में कैद
छत्तीसगढ़ के धमतरी में दुनिया के सबसे तेज शिकारी पक्षी शाहीन फॉल्कन ने हवा में हॉर्नबिल का शिकार किया है, जो इकोसिस्टम की मजबूती का प्रमाण है।
नरेंद्र मोदी का वैश्विक प्रभाव: सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से नवाजे गए प्रधानमंत्री
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शीर्ष सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है, जो उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
कुदरत का बेमिसाल कारीगर है यह पक्षी, आंधी-तूफान में भी अडिग रहता है इसका घोंसला
प्रकृति के इंजीनियर के नाम से मशहूर बया पक्षी अपनी अद्भुत घोंसला बनाने की कला के लिए चर्चा में है। बिना किसी औजार के अपनी चोंच से बुना गया इसका घर इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना माना जाता है।
सेशेल्स की यात्रा पर पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान, UPI के लिए हुआ अहम करार
अपनी तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। भारत और सेशेल्स के बीच डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य और तकनीकी सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
घोड़ा पछाड़ सांप: क्यों लोग इसे देखकर भागते हैं और इसे मारना क्यों है कानूनी जुर्म?
भारत में गर्मियों के दौरान धामन सांप का दिखना आम है, जिसे लोग अक्सर 'घोड़ा पछाड़' के नाम से जानते हैं। हालांकि इसे लेकर कई भ्रांतियां हैं, लेकिन असल में यह किसानों का मित्र है और इसे मारना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है।
जयपुर के तीन छात्रों का कमाल, इमली के बीजों से बनाया पानी साफ करने का अनोखा स्टार्टअप
जयपुर के जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के तीन विद्यार्थियों ने एक ऐसा ग्रीन स्टार्टअप शुरू किया है जो इमली के बीजों की मदद से पानी से माइक्रोप्लास्टिक को पूरी तरह खत्म कर सकता है।
चंबल नदी में दिखा अद्भुत नजारा: मां की पीठ पर सवार हुए नन्हे घड़ियाल, रिकॉर्ड तोड़ संख्या में हुआ जन्म
धौलपुर की चंबल नदी में इस सीजन में 2,000 से अधिक घड़ियालों का जन्म हुआ है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
रणथंभौर में 5वें इंटरनेशनल टाइगर वीक का भव्य आगाज, बाघ संरक्षण पर मंथन
राजस्थान के सवाई माधोपुर में तीन दिवसीय रॉयल इंटरनेशनल टाइगर वीक की शुरुआत हुई, जिसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ बाघों के संरक्षण और उनके आवास की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं।
सूखे की आहट का संकेत देता है जामुन का पेड़, जानिए क्या है 'स्ट्रेस फ्रूटिंग' का पूरा विज्ञान
जामुन के पेड़ों पर अचानक बड़ी संख्या में फल लगना क्या किसी बड़े प्राकृतिक संकट का संकेत है? विशेषज्ञों ने बताया कि इसे वैज्ञानिक भाषा में स्ट्रेस फ्रूटिंग कहा जाता है और यह पेड़ों के अस्तित्व को बचाने का एक अनोखा तरीका है।
जोनाथन से मुलाकात करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: अंग्रेजों के जमाने का यह कछुआ देख चुका है इतिहास के कई युग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सेशेल्स यात्रा के दौरान दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित जीव, जोनाथन नाम के कछुए से मुलाकात करेंगे। 194 साल की उम्र का यह कछुआ आधुनिक इतिहास के अनगिनत बदलावों का गवाह रहा है।
पटना के कचरे के पहाड़ से अब बनेगी बिजली, हैदराबाद की कंपनी को मिला 514 करोड़ का प्रोजेक्ट
पटना के रामाचक बैरिया में वर्षों से जमा कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगम ने हैदराबाद की एक कंपनी का चयन किया है, जो कूड़े से बिजली और बायोगैस का निर्माण करेगी। इस आधुनिक प्लांट पर 514.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और यह परियोजना अगले ढाई वर्षों में पूरी...
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल सफल, 120 किलोमीटर की रफ्तार से भरी उड़ान
भारत में पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने दिल्ली-जींद रूट पर अपना अंतिम हाई-स्पीड परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
रेलवे का बड़ा कारनामा: दिल्ली और जींद के बीच दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, डीजल-बिजली की नहीं पड़ेगी जरूरत
भारतीय रेलवे ने पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। यह ट्रेन दिल्ली और जींद के रूट पर दौड़कर अपनी तकनीकी दक्षता को साबित कर चुकी है।